मुंबई, 16 अक्टूबर (भाषा) मुंबई पुलिस ने दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान 20 से 22 अक्टूबर तक पानी में तैरती या आधी डूबी प्रतिमाओं की तस्वीरें खींचने और उनके वीडियो बनाने तथा उन्हें प्रसारित करने पर रोक लगा दी है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि धार्मिक भावनाएं आहत होने से रोकने और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए पुलिस उपायुक्त (संचालन) अकबर पठान ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत यह निषेधाज्ञा जारी की है।
आदेश के अनुसार, 20 से 22 अक्टूबर के बीच शहर के विभिन्न जलाशयों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। इस दौरान कुछ प्रतिमाएं पूरी तरह जल में विलीन नहीं होने के कारण ज्वार के समय किनारे पर आ जाती हैं या झीलों के पानी में तैरती रहती हैं। इसके बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के कर्मचारी उन्हें दोबारा विसर्जित करने के लिए निकालते हैं।
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘ऐसी प्रतिमाओं की, जिनका विसर्जन नहीं हुआ है या जो आधी डूबी हुई हैं, उनकी तस्वीरें या वीडियो प्रसारित करने अथवा बीएमसी कर्मचारियों द्वारा उन्हें निकालने की तस्वीरें साझा करने से धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है। इसलिए तत्काल एहतियाती कदम उठाना जरूरी समझा गया।’’
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