नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन एनएसयूआई ने दावा किया कि उसकी महिला कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमले को लेकर बृहस्पतिवार को संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने उसके अध्यक्ष विनोद जाखड़ और कई अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने कहा कि उसके सदस्य संगठन की महिला सदस्यों पर हमला करने के आरोप दिल्ली पुलिस की एक महिला अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर धरना दे रहे थे।
संगठन ने आरोप लगाया कि बुधवार को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) समेत वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद उसकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
जाखड़ ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि एनएसयूआई की महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि कुछ कार्यकर्ताओं को एक अंधेरे कमरे में ले जाया गया, जहां उन पर जूतों और 'बूट' से हमला किया गया।
उन्होंने कहा, “हम यहां सिर्फ प्राथमिकी दर्ज कराने आए हैं, लेकिन डीसीपी न तो हमसे बात कर रहे हैं और न ही हमारी बात सुन रहे हैं। क्या अपनी महिला साथियों के लिए न्याय मांगना कोई अपराध है?”
एनएसयूआई के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि पांडे ने जाखड़ और अन्य सदस्यों को कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय जवाबदेही की मांग कर रहे लोगों को ही हिरासत में ले रही है।
पांडे ने कथित मारपीट के मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
संगठन ने कहा कि वह तब तक अपना विरोध जारी रखेगा जब तक कि उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
भाषा प्रचेता प्रशांत
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