(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर (भाषा) नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि एअर इंडिया के विमान के हाइजैक संबंधी उस अलर्ट की जांच पूरी होने के बाद ही मौजूदा सुरक्षा मानकों में बदलाव पर निर्णय लिया जाएगा, जो बाद में फर्जी निकला था।
इस घटना की जांच नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) कर रहा है।
बुधवार को फैंकफर्ट से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के एक विमान को हाइजैक करने की सूचना मिलने के बाद उसे जयपुर की ओर मोड़ दिया गया था। बाद में यह अलर्ट फर्जी निकला और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद विमान ने फिर से दिल्ली के लिए उड़ान भरी।
बोइंग 787-9 विमान द्वारा संचालित उड़ान संख्या एआई2030 बुधवार सुबह जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरी थी। विमान में करीब 293 यात्री और चालक दल के 13 सदस्य सवार थे।
घटना और सुरक्षा मानकों में संभावित बदलाव के बारे में पूछे जाने पर नायडू ने कहा कि मामले की जांच डीजीसीए कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि वास्तव में क्या हुआ था। जब हमें पूरी जानकारी मिल जाएगी, तभी हम देख सकेंगे कि किन बदलावों की जरूरत है। हम डीजीसीए की अंतिम रिपोर्ट आने तक इंतजार करेंगे।’’
नायडू राष्ट्रीय राजधानी में पवन हंस के 42वें स्थापना दिवस समारोह से इतर संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
समारोह में मंत्री ने पवन हंस के बेड़े का निर्धारित समयसीमा के भीतर विस्तार करने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कंपनी को इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (ईवीटीओएल) विमानों और समुद्री विमानों के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर भी विचार करना चाहिए।
भाषा राखी राजकुमार
राजकुमार