पटना, 14 अक्टूबर (भाषा) बिहार में मानसून के दौरान करीब चार महीने तक स्थगित रहने के बाद 16 अक्टूबर से रेत खनन का कार्य फिर शुरू होगा। खान एवं भूतत्व विभाग की ओर से यह जानकारी दी गई।
आधिकारिक बयान जारी करके बताया गया कि राज्य के 212 घाटों पर रेत का खनन किया जाएगा, जिनमें पीले बालू के 181 और उजले बालू के 31 घाट शामिल हैं। इससे निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
राज्य के खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बुधवार को कहा कि खनिज संसाधनों का संरक्षण, पारदर्शी खनन व्यवस्था और राजस्व में वृद्धि राज्य सरकार की प्राथमिकताएं हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार वैध खनन को बढ़ावा देने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर तक अवैध खनन और परिवहन से जुड़े मामलों में 393 लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा 3,614 वाहन जब्त किए गए।
इस दौरान 52.71 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की समान अवधि में 333 गिरफ्तारियां हुई थीं, 2,824 वाहन जब्त किए गए थे और 39.87 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया था।
इस तरह गिरफ्तारियों की संख्या में 60, जब्त वाहनों की संख्या में 790 की बढ़ोती के साथ जुर्माने की वसूली में 12.84 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
विभाग ने पिछले चार महीनों में पहले नीलाम नहीं किए गए 10 बालूघाटों की निविदा प्रक्रिया पूरी की है।
इनमें से नौ घाटों पर मार्च 2027 से खनन शुरू होने की संभावना है। इनसे सरकार को करीब 76 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है।
भाषा कैलाश
संतोष
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