कोच्चि, 14 अक्टूबर (भाषा) केरलम के कोच्चि शहर में एर्नाकुलम मार्केट स्थित एक यहूदी प्रार्थनास्थल के पास आगजनी के मामले में पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर 32 वर्षीय एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके विदेश में आतंकवादियों से संभावित संबंधों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस को संदेह है कि कोच्चि के पास पुथेनक्रूज का रहने वाला आरोपी एबिन पॉल किसी ऐसे व्यक्ति के निर्देश पर काम कर रहा था, जिसे वह ‘बॉस’ कहता है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों और विभिन्न ऑनलाइन समूहों के सदस्यों के साथ बातचीत के सबूत मिले हैं, जिनके विदेश से संबंध होने का संदेह है। उसने बताया कि फोन में ऐसे संदेश भी मिले हैं, जिनमें देश के अलग-अलग शहरों में स्थित यहूदी प्रार्थनास्थलों और संभावित हमलों का जिक्र है।
पुलिस ने कहा कि आरोपी के विदेश में किसी से संपर्क होने और आतंकवादियों से संबंध होने की अभी पुख्ता तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटना 12 अक्टूबर को तड़के करीब ढाई बजे हुई थी, जब कोच्चि सेंट्रल थाना क्षेत्र में एर्नाकुलम मार्केट स्थित कडवुभागम यहूदी प्रार्थनास्थल के सामने ब्लॉसम नर्सरी में आग लगा दी गई थी।
जांच के अनुसार, आरोपी नीले रंग की कार से मौके पर पहुंचा। वह कार से उतरा, उसने नर्सरी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इसके बाद उसने कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो बनाया और वहां से फरार हो गया।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने किसी अज्ञात व्यक्ति के निर्देश पर कुछ खास स्थानों को निशाना बनाकर हमले किए, उनका वीडियो बनाया और व्यक्ति को पैसे के बदले संबंधित वीडियो भेजे।
पुलिस ने बताया कि भुगतान के लिए क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल की आशंका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, फोन में मिले संदेशों में भारत के विभिन्न शहरों में यहूदी प्रार्थनास्थलों और हमलों का उल्लेख है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी से बातचीत में शामिल लोग कौन हैं, उनका आरोपी से क्या संबंध है और क्या आगजनी की यह घटना किसी संगठित अभियान का हिस्सा थी।
जांच दल के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने मुवाट्टुपुझा में हुई आगजनी की एक अन्य घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की। उस मामले में उसकी भूमिका की आगे जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के विदेश में संदिग्ध संपर्कों से जुड़ी जानकारी की जांच केंद्रीय एजेंसियां भी कर रही हैं।
भाषा
सिम्मी
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