पुणे, 14 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने पुणे जिले की सोमेश्वर सहकारी चीनी मिल के चुनाव में शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शरदचंद्र पवार) और एक बागी उम्मीदवार के समर्थित पैनलों को हरा दिया है।
यह चुनाव राकांपा अध्यक्ष अजित पवार के निधन के बाद सहकारिता क्षेत्र में पहला बड़ा मुकाबला था। इसे सुनेत्रा पवार के नेतृत्व की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा था। मंगलवार को घोषित नतीजों में उनके पैनल ने सभी 21 सीट पर जीत हासिल की।
अजित पवार के चाचा शरद पवार ने चीनी मिल के कार्यक्षेत्र में आने वाले सूखा प्रभावित इलाकों में प्रचार किया था, लेकिन उनकी पार्टी के पैनल को हार का सामना करना पड़ा।
बारामती क्षेत्र में स्थित यह चीनी मिल पवार परिवार का मजबूत गढ़ मानी जाती है। इससे पहले इस पर अजित पवार समर्थित पैनल का नियंत्रण था।
मंगलवार को नतीजे घोषित होने के बाद सुनेत्रा पवार ने कहा, “यह जीत दादा (अजित पवार) के वर्षों के काम का नतीजा है। यहां के किसानों ने समर्थन देकर उनके प्रयासों का सम्मान किया है।”
चुनाव में राकांपा समर्थित ‘श्री सोमेश्वर विकास पुरुष अजितदादा पवार’ पैनल, राकांपा (शरदचंद्र पवार) समर्थित ‘सोमेश्वर शेतकरी विकास’ पैनल और भाजपा समर्थित पुरुषोत्तम जगताप के ‘लोकनेते अजितदादा सोमेश्वर विकास’ पैनल के उम्मीदवार मैदान में थे।
चीनी मिल के कुल 27,625 सदस्यों में से 23,393 ने मतदान किया। इस तरह मतदान का प्रतिशत 84.25 रहा।
सुनेत्रा पवार के पैनल के उम्मीदवारों को 12,000 से अधिक वोट मिले, जबकि जगताप समर्थित उम्मीदवारों को औसतन 5,500 से 6,000 वोट मिले। राकांपा (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवारों को औसतन करीब 2,500 वोट मिले।
जगताप 13 साल तक इस चीनी मिल के अध्यक्ष रहे थे। उन्होंने राकांपा से बगावत कर भाजपा के समर्थन से अपना अलग पैनल चुनाव में उतारा था।
राकांपा (शरदचंद्र पवार) के प्रचार अभियान का नेतृत्व अजित पवार के छोटे भाई के बेटे और शरद पवार के पौत्र युगेंद्र पवार ने किया था। प्रचार के दौरान पार्टी प्रमुख शरद पवार ने मिल के कार्यक्षेत्र में आने वाले सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा किया था।
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