गोपेश्वर, 13 अक्टूबर (भाषा) उत्तराखंड में चमोली जिले के जोशीमठ में मंगलवार तड़के भालू के हमले में एक परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हमले की यह वारदात मंगलवार तड़के तीन बजे के आसपास सिंहधार वार्ड में हुई, जो नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान वन प्रभाग के तहत आता है।
राष्ट्रीय उद्यान की उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) सुमन भारती ने बताया कि भालू ने एक गाय पर हमला किया था।
उन्होंने कहा कि गाय की आवाज सुनकर धूमना देवी नामक महिला बाहर आई तो भालू ने उस पर भी हमला कर दिया।
भारती ने कहा कि देवी को बचाने के लिए उसका बेटा बिंदेश (37) बाहर आया और वह भी भालू के हमले में घायल हो गया।
इसी बीच, बिंदेश के तीन अन्य भाई बहन, संतोषी (26), धर्मेश और ओम प्रकाश भी घर से बाहर निकले तो भालू ने उनपर भी हमला कर दिया।
भारती ने बताया कि घायलों का जोशीमठ के सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया गया जबकि बिंदेश और संतोषी को बेहतर उपचार के लिए उच्चतर स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया है।
भारती ने बताया कि घायलों के उपचार की व्यवस्था वन विभाग के खर्च पर उसी की देखरेख में की जा रही है।
उन्होंने बताया कि परिवार को वन विभाग की ओर से 15 हजार रुपये की सहायता दी गई है।
भारती ने बताया कि क्षेत्र में भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जा रहा है जबकि एहतियातन बचाव के लिए वन विभाग की टीम प्रभावित इलाकों में गश्त कर रही है।
पिछले एक दशक से जोशीमठ में भालुओं की समस्या बढ़ती जा रही है। बचे हुए खाने के लिए कचरे वाले स्थानों पर इनकी आवाजाही बढ़ रही है।
इस संबंध में भारती ने कहा कि इन दिनों मंडूआ और दलहन के साथ भालू की पसंदीदा लतावर्गीय फसलों की पैदावार के चलते उनका खेतों तक पहुंचना और लोगों के से आमना-सामना होता रहता है।
कचरे में पड़े बचे हुए खाने के लालच में भी शहरी इलाकों में इनकी गतिविधियां बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा कि भालू के हमले से बचाव के लिए जोशीमठ के हर वार्ड में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा ताकि भालू से आमना-सामना होने पर लोग अपना बचाव कर सकें।
उन्होंने बताया कि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए ड्रोन से भी क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
भाषा सं दीप्ति जोहेब
जोहेब
जोहेब
जोहेब
जोहेब