अगरतला, 13 अक्टूबर (भाषा) त्रिपुरा उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता माणिक सरकार की उस याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अगस्त में एक रैली के दौरान भड़काऊ टिप्पणियां करने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया था।
मामले में राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता राजू दत्ता ने संवाददाताओं को बताया कि प्रबीर रॉय की शिकायत के आधार पर सरकार के खिलाफ 16 अगस्त को वेस्ट अगरतला पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
उन्होंने बताया, “शिकायतकर्ता का आरोप है कि 10 अगस्त को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सरकार की ओर से की गई इस टिप्पणी से देश की संप्रभुता को नुकसान पहुंच सकता है और समुदायों के बीच मनमुटाव पैदा हो सकता है कि भारत और राज्य उग्र आंदोलन की राह पर बढ़ रहे हैं।”
दत्ता ने कहा कि मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इस दौरान, सरकार ने प्राथमिकी रद्द कराने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया।
दत्ता ने बताया, “सरकार ने अपनी याचिका में दलील थी कि प्राथमिकी बेबुनियाद थी और उनसे जोड़ी गई टिप्पणियों से किसी संज्ञेय अपराध का पता नहीं चलता।”
सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बिकास रंजन भट्टाचार्य उच्च न्यायालय में पेश हुए।
दत्ता ने बताया, “खंडपीठ ने सरकार की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि इस चरण में प्राथमिकी को रद्द नहीं किया जा सकता।”
भाषा पारुल नरेश
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