नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) भारत ने लद्दाख में 28 रणनीतिक स्थानों और भौगोलिक क्षेत्रों के मानकीकृत नाम तय किये जाने पर बीजिंग की आपत्ति को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि यह केंद्र शासित प्रदेश देश का ‘‘अभिन्न और अविभाज्य’’ हिस्सा है।
पिछले हफ्ते, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख में रणनीतिक स्थानों और भौगोलिक क्षेत्रों के लिए मानकीकृत नाम तय किये थे। इनमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास मौजूद कुछ अहम विवादित सीमावर्ती इलाके, जैसे गोगरा और हॉट स्प्रिंग भी शामिल हैं।
भारत की यह प्रतिक्रिया, इन मानकीकृत नामों को तय किये जाने पर चीन द्वारा कड़ा विरोध जताये जाने के कुछ घंटों बाद आई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘फिर से दोहराया जाता है कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। चीनी पक्ष के इनकार करने से यह स्थापित तथ्य नहीं बदल सकता।’’
उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय की 2 अक्टूबर की प्रेस विज्ञप्ति, जिसका जिक्र चीन ने किया है, वह ‘‘खुद ही सब कुछ स्पष्ट रूप से बयां करती है।’’
जायसवाल ने कहा, ‘‘इस घोषणा में बताया गया है कि लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में मौजूद 28 स्थानों/भौगोलिक क्षेत्रों की पहचान भारतीय सर्वेक्षण विभाग के आधिकारिक नक्शे पर उनके मानकीकृत नामों से की गई है, और यह कार्य लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश और स्थानीय हितधारकों से बातचीत करके किया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय सर्वेक्षण विभाग के नक्शे पर लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के इन स्थानों की औपचारिक रूप से पहचान करने का मकसद यह है कि लोग इन्हें सटीक तौर पर पहचान सकें और आम लोगों को इनके बारे में बेहतर जानकारी हो।’’
बीजिंग में, चीनी विदेश मंत्रालय ने भारत के इस फैसले का मंगलवार को कड़ा विरोध किया और दावा किया कि ये इलाके उसके हैं।
मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘चीन ने भारत द्वारा एकतरफा और गैर-कानूनी ढंग से बनाए गए तथाकथित 'केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख' को कभी मान्यता नहीं दी है।’’
उन्होंने कहा कि चीन भारत की ओर से तथाकथित मानकीकृत नामों की घोषणा का कड़ा विरोध करता है।
भाषा सुभाष नरेश
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