नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक के मंत्रियों को निशाना बनाकर स्टिंग ऑपरेशन किए जाने और इस मामले में जनता दल (सेक्युलर) द्वारा सीबीआई जांच की मांग के बाद मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह किसी भी जांच के लिए दस्तावेज देने को तैयार हैं।
जद (एस) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को सवाल किया था कि कर्नाटक सरकार ने कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच के आदेश क्यों नहीं दिए।
शिवकुमार ने राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों से कहा, ‘‘बहुत खुशी की बात है। वे अच्छा काम कर रहे हैं और राज्य का ध्यान एक अहम मुद्दे की ओर खींच रहे हैं। मैं जवाब दूंगा। मैं सभी दस्तावेज इकट्ठा करके उन्हें सौंप दूंगा। उन्होंने जांच की बात कही है; उन्हें जांच करने दें।’’
यह विवाद मंगलवार को तब और बढ़ गया जब कुमारस्वामी ने कथित स्टिंग ऑपरेशन की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि इस ऑपरेशन में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को भी निशाना बनाया गया था और यह राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा था।
सिद्धरमैया ने इसे सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ ‘‘दुष्प्रचार’’ बताया और इस पर रोक के लिए अदालत का रुख किया।
कुमारस्वामी ने दावा किया कि सिद्धरमैया इस ऑपरेशन का शिकार हुए थे और हो सकता है कि इसी वजह से उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा हो।
जद (एस) नेता ने सोमवार को आरोप लगाया कि शिवकुमार ने बेंगलुरु के एक पांच सितारा होटल में स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े माने जाने वाले एक व्यक्ति के साथ लंबी बैठक की थी। उन्होंने कुछ कैबिनेट मंत्रियों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने की जांच की मांग भी की।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर जांच होगी तो सब कुछ सामने आ जाएगा। आप इस मामले को कैसे छिपा सकते हैं और यह कैसे कह सकते हैं कि समय ही इसका जवाब देगा?’’ उन्होंने आरोप लगाया कि इन कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे मुख्यमंत्री का हाथ था।
शिवकुमार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन के प्रदर्शन मार्च में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में थे। अपने काम पूरे होने के बाद वह बेंगलुरु लौट आए।
भाषा सुरभि नरेश
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