नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के मामले में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की बहाली तक 'राजनीतिक और जन प्रतिरोध' जारी रहेगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास '5 सुनहरी बाग रोड' पर आयोजित चाय पार्टी के बाद विपक्षी नेताओं ने निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला तथा यह आरोप भी लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हुई है।
राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि विपक्षी गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और उसके संघर्ष का एकमात्र उद्देश्य देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘कोई समानांतर विरोध प्रदर्शन नहीं है, सिर्फ एक प्रदर्शन है। इस प्रदर्शन का एकमात्र मिशन भारत में लोकतंत्र को बहाल करना है। देश में लोकतंत्र को नष्ट कर दिया गया है, चुनाव प्रणाली को नष्ट कर दिया गया है। हम देश में वास्तविक लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहाल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।’’
गांधी ने कहा कि सरकार ने जंतर-मंतर का इस्तेमाल लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन के लिए नहीं होने देने का फैसला किया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘इतना आसान नहीं है कि संविधान को नष्ट करें और बचकर निकल जाएं।’’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि एक दिन पहले विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान जो अभिव्यक्ति देखने को मिली, वह किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के लोगों की अभिव्यक्ति थी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम एक गठबंधन के रूप में दिल्ली के लोगों और भारत के लोगों का आभार व्यक्त करते हैं कि वे खड़े हुए। हम देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करने के लिए लड़ाई जारी रखने वाले हैं।’’
गांधी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन एकजुट है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली के लिए उसका संघर्ष जारी रहेगा।
उनके आवास पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा, समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और आनंद भदौरिया, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष समेत कई विपक्षी नेता मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कथित ‘‘वोट चोरी’’ के खिलाफ विपक्ष के संयुक्त विरोध-प्रदर्शनों और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सोमवार को हुए विपक्ष के प्रदर्शन में लोगों की भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली में संभवत: इतनी बड़ी संख्या में लोग पहले कभी सड़क पर नहीं उतरे होंगे।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के इशारे पर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास किया है।
यादव ने कहा, ‘‘लोकतंत्र को बचाने के लिए हमें जो भी कुर्बानी देनी होगी, हम सब मिलकर देंगे। इस देश की संवैधानिक संस्थाओं को ‘हाईजैक’ करने का प्रयास किया जा रहा है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने ‘‘कठपुतली की तरह’’ काम किया है।
यादव ने कहा कि विपक्ष इस लड़ाई को जारी रखेगा और सभी दल मिलकर लड़ेंगे।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि सरकार संविधान को कमजोर करने की ‘‘बहुत बड़ी भूल’’ कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ‘‘अन्याय और अत्याचार’’ के खिलाफ एकजुट है तथा आंदोलन जारी रहेगा।
समाजवादी पार्टी के नेता हरेंद्र मलिक ने कहा कि विपक्ष अपनी एकता बनाए रखेगा और ‘‘आखिरी दम तक’’ संघर्ष करेगा।
माकपा महासचिव एम. ए. बेबी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और ‘‘वोट चोरी’’ के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग निष्पक्ष चुनाव की व्यवस्था को कमजोर कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाए जाने और कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होने तक अपना आंदोलन जारी रखेगा।
शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि उन्होंने एक 'माफिया' की तरह पूरी व्यवस्था का ‘‘अपराधीकरण’’ किया है।
राउत ने कहा, ‘‘राहुल गांधी जी के नेतृत्व में संघर्ष जारी रहेगा और पूरे देश में होगा। हम एक साथ हैं और एक साथ रहेंगे।’’
वाम छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भाजपा पर संविधान और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और कहा कि आने वाले दिनों में संघर्ष जारी रहेगा।
इससे पहले राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल ‘‘लोकतंत्र की रक्षा के जनांदोलन’’ में एकजुट हैं और यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
विपक्षी दलों ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च निकाला था। विपक्षी नेताओं ने इस मामले में शीर्ष अदालत में एक याचिका भी दायर की है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पिछले कुछ समय से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सरकार और निर्वाचन आयोग पर निशाना साध रहे हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची की शुचिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए निष्पक्ष चुनाव प्रणाली सुनिश्चित करना जरूरी है।
भाषा हक राखी नरेश
नरेश