Breaking News

अमित शाह मानहानि मामले में सुल्तानपुर कोर्ट ने राहुल गांधी को बरी किया     |   खड़गे के विवादित बयान पर भड़के बीजेपी कार्यकर्ता, पटना में बड़ा प्रोटेस्ट     |   राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसा     |   UP: बस्ती में बाइक पर पलटा तेज रफ्तार से आ रहा ट्रक, तीन की मौत     |   आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ रहा चक्रवाती तूफान, ऑरेंज अलर्ट जारी     |  

गुजरात : सूरत में रैगिंग के मामले में एक और रेजिडेंट चिकित्सक गिरफ्तार

सूरत, 13 अक्टूबर (भाषा) गुजरात के सूरत स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में इस साल अगस्त में आत्महत्या करने वाले स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के एक छात्र को कथित तौर पर परेशान करने और उसकी रैगिंग के मामले में पुलिस ने एक और रेजिडेंट चिकित्सक को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल तीन रेजिडेंट चिकित्सकों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सहायक पुलिस आयुक्त जेड आर देसाई ने कहा, ‘‘आरोपी चिकित्सक अनुज माहेश्वरी को सोमवार को हर्ष पंड्या की रैगिंग में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पंड्या नौ अगस्त को अपने छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका मिला था।’’

उन्होंने बताया कि दो अन्य आरोपियों दीक्षिता घेवारिया और हीना भुट को रविवार को गिरफ्तार किया गया था।

देसाई ने कहा कि रैगिंग रोधी समिति की रिपोर्ट के आधार पर न्यू सिविल अस्पताल से संबद्ध सरकारी मेडिकल कॉलेज के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष के चार छात्रों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

उन्होंने बताया कि मामले में रैगिंग रोधी समिति की रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और बयान शामिल हैं। इस मामले की विस्तृत जांच जारी है।

देसाई ने कहा कि मामले में एक अन्य आरोपी व्यारा निवासी निराली वसावे को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है।

खटोदरा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 54 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

संस्थान की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, द्वितीय वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सकों को प्रथम वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सकों को कोई काम सौंपने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद आरोपियों ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के प्रथम वर्ष के 10 रेजिडेंट चिकित्सकों को परेशान किया।

देसाई ने कहा कि पंड्या ने मार्च-अप्रैल में दाखिला लिया था और उसके बाद तीन से चार महीने तक उसकी रैगिंग की जाती रही।

शिकायत में कहा गया है कि आरोपी चिकित्सकों ने पंड्या और अन्य छात्रों को अपमानित किया, उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और संकाय सदस्यों से झूठी शिकायतें कीं कि वे अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं कर रहे हैं।

शिकायत के अनुसार, पांच अगस्त को वरिष्ठ छात्रों ने प्रथम वर्ष के छात्रों को व्हाट्सऐप संदेश भेजकर सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की सीरोलॉजी प्रयोगशाला में बुलाया। वहां उन्हें कथित तौर पर दो घंटे तक अवैध रूप से रोके रखा गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अभद्र टिप्पणियां कर अपमानित किया गया।

इस मामले की जांच के लिए गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. सुमैया मुल्ला और संकाय सदस्यों डॉ. संगीता राजदे, डॉ. योगिता मिस्त्री तथा डॉ. लतिका पुरोहित को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए थे।

इसके बाद रैगिंग रोधी समिति ने प्रथम वर्ष के नौ रेजिडेंट चिकित्सकों और मृतक छात्र के पिता की शिकायतों के आधार पर सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग में कार्यरत वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों, संकाय सदस्यों, तकनीशियनों और सफाईकर्मियों के बयान दर्ज किए।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शारीरिक प्रताड़ना या ऐसी प्रताड़ना के कारण छात्र की मौत होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला।

भाषा रवि कांत रवि कांत अविनाश

अविनाश