नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) रुपये में मजबूती के कारण घरेलू सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट आई और यह 400 रुपये टूटकर 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत सोमवार के बंद भाव 1,53,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से 400 रुपये घटकर 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) रह गई।
चांदी की कीमत भी 500 रुपये टूटकर 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) रह गई। सोमवार को इसका भाव 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम था।
रुपया लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ और मंगलवार को डॉलर के मुकाबले 40 पैसे की बढ़त के साथ 95.38 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के विभिन्न उपायों से हाजिर बाजार में डॉलर की मांग कम होने और विदेशी मुद्रा बाजार में अत्यधिक सौदेबाजी पर अंकुश लगने से रुपये को समर्थन मिला।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि मंगलवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा, क्योंकि डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ। पिछले दो कारोबारी सत्रों में रुपये में 1.5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है।
कारोबारियों के अनुसार, रुपये की मजबूती से डॉलर मूल्य में सोने के आयात की लागत घटती है, जिससे घरेलू बाजार में इसकी कीमतों पर दबाव पड़ता है।
वैश्विक बाजारों में हाजिर सोना मामूली बढ़त के साथ 4,184.73 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी का भाव लगभग स्थिर रहकर 60.33 डॉलर प्रति औंस पर था।
ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा, “अमेरिकी डॉलर में मजबूती के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़त दर्ज की जा रही है। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता से सोने की कीमतों में आगे की बढ़त सीमित रह सकती है।”
मिराए एसेट शेयरखान में जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह के अनुसार, कारोबारियों द्वारा वैश्विक बाजार में रूस से डीजल की अतिरिक्त आपूर्ति आने की संभावना का आकलन किए जाने के बीच कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।
उन्होंने कहा कि हालांकि, रूस से होने वाली इस अतिरिक्त आपूर्ति से वैश्विक स्तर पर डीजल की कमी की भरपाई होने की संभावना नहीं है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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