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गुजरात में उपमुख्यमंत्री ने 158 शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाणपत्र प्रदान किए

अहमदाबाद, 13 अक्टूबर (भाषा) गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मंगलवार को यहां एक समारोह में 158 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र प्रदान किए।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रमाणपत्र प्राप्त करने वालों में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के तहत लाभ पाने वाले 126 लोग और जिला कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से पंजीकरण कराने वाले 32 लोग शामिल हैं।

इस अवसर पर संघवी ने कहा कि राजनीतिक कारणों से इस कानून की आलोचना करने वाले लोग शरणार्थी परिवारों को होने वाली कठिनाइयों को समझने में विफल रहे।

उन्होंने कहा कि नागरिकता मिलने से इन परिवारों में दिवाली से पहले खुशी का माहौल है। उन्होंने पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी परिवारों को भारत में नयी जिंदगी शुरू करने में मदद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।

संघवी ने भारतीय पासपोर्ट से जुड़े सम्मान और गरिमा का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमारा देश और राज्य संकट में फंसे लोगों की मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने शरणार्थी परिवारों के बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए सीएए लागू किया।’’

उन्होंने विश्वास जताया कि इन परिवारों के बच्चे आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर और खिलाड़ी बनेंगे तथा देश के विकास में योगदान देंगे।

उपमुख्यमंत्री ने धारा सिंधु नामक लड़की का उदाहरण दिया जिसने दिव्यांग होने के बावजूद टेबल टेनिस सहित विभिन्न खेलों में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं।

शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला ने कहा कि सीएए ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए लोगों को भारतीय नागरिकता और मौलिक अधिकार प्राप्त करने में मदद की।

उन्होंने डिंपल वरिंदानी का उदाहरण दिया, जो अहमदाबाद नगर निगम की पार्षद हैं और निगम के महिला एवं बाल कल्याण विभाग की प्रमुख भी हैं। उन्होंने कहा कि यह इस बात का उदाहरण है कि इन समुदायों के लोग समाज में महत्वपूर्ण पदों तक पहुंच रहे हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्र सरकार ने 2016 और 2018 में राजपत्र अधिसूचनाओं के माध्यम से जिला कलेक्टरों को पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों को नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा पांच और छह के तहत नागरिकता देने के लिए अधिकृत किया था।

भाषा संतोष पवनेश

पवनेश