Breaking News

अमित शाह मानहानि मामले में सुल्तानपुर कोर्ट ने राहुल गांधी को बरी किया     |   खड़गे के विवादित बयान पर भड़के बीजेपी कार्यकर्ता, पटना में बड़ा प्रोटेस्ट     |   राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराईं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसा     |   UP: बस्ती में बाइक पर पलटा तेज रफ्तार से आ रहा ट्रक, तीन की मौत     |   आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा की ओर बढ़ रहा चक्रवाती तूफान, ऑरेंज अलर्ट जारी     |  

पूर्वोत्तर राज्यों की जरूरतों के अनुरूप कर्ज का प्रवाह तेज करें वित्तीय संस्थान: सिंधिया

आइजोल, 13 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को पूर्वोत्तर क्षेत्र में कर्ज का प्रवाह तेज करने की जरूरत पर जोर देते हुए वित्तीय संस्थानों से क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने का आह्वान किया।

मिजोरम विश्वविद्यालय में पूर्वोत्तर बैंकर्स सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि उनके पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय ने नॉर्थ ईस्टर्न डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (नेडफी) के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र पूर्वोत्तर की बेहतर तरीके से, तेजी से और लोगों के करीब रहकर सेवा करें।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय इस सम्मेलन को महज सालाना आयोजन के रूप में नहीं देखता, बल्कि इसे एक ऐसे ‘प्रगति पत्र’ के रूप में देखता है, जिससे यह आकलन किया जा सके कि अब तक क्या हासिल हुआ है और आगे क्या करने की जरूरत है।

सिंधिया ने कहा कि अगर पिछले सम्मेलन में बुनियादी ढांचे के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया गया था, तो इस बार की चर्चा जरूरतमंद लोगों तक कर्ज पहुंचाने पर होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘अगरतला में हुए सम्मेलन से एक महत्वपूर्ण संदेश यह निकला था कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक ही तरह का पारंपरिक पैकेज काम नहीं करेगा।’’

उन्होंने प्रत्येक राज्य की जरूरतों को समझने और उसी के अनुरूप बैंकिंग उत्पाद तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सिंधिया ने कहा कि पिछले साल आयोजित ‘राइजिंग नॉर्थईस्ट समिट’ में करीब 4.3 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। उनके मंत्रालय के लगातार प्रयासों के बाद इनमें से लगभग 40,000 करोड़ रुपये के निवेश पर काम शुरू हो चुका है।

उन्होंने कहा, ‘‘निवेश की यही रुचि है, जिसके अनुरूप बैंकिंग समुदाय को कदम उठाने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

भाषा योगेश अजय

अजय