( फाइल फोटो के साथ )
बेंगलुरु, 13 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने मंगलवार को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को निशाना बनाते हुए किये गये कथित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ की सीबीआई जांच की मांग की और कहा कि यह घटना राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है।
उन्होंने दावा किया कि सिद्धरमैया इस ऑपरेशन के शिकार हुए हैं तथा शायद इसी वजह से उन्होंने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा।
सिद्धरमैया ने सोशल मीडिया पर इस तरह की कवायद को अपने खिलाफ ‘झूठा प्रचार’ करार देते हुए उसपर रोक लगाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने सोमवार देर रात पत्रकारों से कहा, ‘‘सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है। इसलिए, मैं इस पर रोक लगाने की मांग कर रहा हूं।’’
उन्होंने इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी।
जनता दल सेक्युलर (जदएस) के दूसरे सबसे बड़े नेता कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि ‘स्टिंग ऑपरेशन’ से जुड़े विवाद ने कर्नाटक के दूसरे मुद्दों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने इस मामले से निपटने के राज्य सरकार के तरीके पर सवाल उठाए।
उन्होंने पूछा, ‘‘एक पूर्व मुख्यमंत्री (सिद्धरमैया), जो आठ साल तक पद पर रहे, उन्हें इस मुद्दे पर अदालत का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा। वह ऐसे नेता थे जिन्होंने आठ साल तक राज्य की सेवा की और कार्यकाल के मामले में देवराज उर्स का रिकॉर्ड भी तोड़ा। क्या ऐसे नेता के साथ ऐसा बर्ताव किया जाता है?’’
जदएस नेता ने दो हफ्ते पहले मंत्रिमंडल की बैठक में हुई कथित चर्चा का भी ज़िक्र किया, जिसमें मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अपने मंत्रियों और पार्टी विधायकों को संभावित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी थी।
केंद्रीय मंत्री ने यहां प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘स्टिंग ऑपरेशन के मामले को अब सीबीआई को सौंप दिया जाना चाहिए।’’
कुमारस्वामी ने राज्य सरकार से कार्रवाई करने का आह्वान करते हुए कहा, ‘‘इसमें शामिल सभी लोग सामने आएं। सच सामने आना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे और कर्नाटक के मंत्रियों के खिलाफ कथित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ की सीबीआई जांच की मांग करेंगे, जिसका खुलासा शिवकुमार ने किया है।
उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर शिवकुमार को जिम्मेदार ठहराया एवं कहा कि उसका परिणाम ‘‘आपको भुगतना ही होगा।’’
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अपने भतीजे और हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े विवाद का ज़िक्र करते हुए, कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मांड्या, हसन एवं आसपास के क्षेत्रों में मतदान से दो दिन पहले अश्लील वीडियो वाले पेनड्राइव वितरित किये गये।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि शिवकुमार और उनसे पहले मुख्यमंत्री रहे सिद्धरमैया ने मिलकर ‘‘देवगौड़ा परिवार को राजनीतिक रूप से खत्म करने’’ का काम किया।
इस बीच, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने आरोप लगाया कि सत्ता छोड़ चुके पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया अंदरूनी कलह से बहुत दुखी हैं।
इस बीच, कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री के. एन. राजन्ना ने कहा कि सिद्धरमैया को निशाना बनाने वाले ‘स्टिंग ऑपरेशन’ का संबंध सत्ताधारी पार्टी में चल रही नेतृत्व की खींचतान से हो सकता है।
भाषा राजकुमार मनीषा
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