पटना, 13 अक्टूबर (भाषा) बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में दो दिन पहले पुलिस हिरासत में 25 वर्षीय एक युवक की मौत के मामले में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
जिला पुलिस की ओर से जारी एक बयान के अनुसार मृतक दिलशाद अंसारी को रविवार को मादक पदार्थों की तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।
बयान में कहा गया है कि इस दौरान सिर में गंभीर रूप से चोट लगने के बाद कुछ ही घंटे के अंदर अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
अंसारी को लेकर जा रही पुलिस टीम ने दावा किया था कि हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान अंसारी ने चलती गाड़ी से छलांग लगा दी थी, जिससे वह घायल हो गया था। हालांकि, शोक संतप्त परिजन ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या की गई है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम ने छह पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश दिया।
निलंबित कर्मियों में सहोदरा के थानाध्यक्ष रवि शंकर कुमार, उपनिरीक्षक अरुण कुमार और चार कांस्टेबल शामिल हैं।
इस बीच, राज्यसभा के पूर्व सदस्य और ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रमुख अली अनवर ने घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ ‘‘अपहरण व हत्या’’ के आरोप में मामला दर्ज करने की मांग की।
अनवर ने एक बयान में दावा किया कि पश्चिम चंपारण में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, अंसारी के हाथों और पैरों पर चोट के कोई निशान नहीं थे। उन्होंने कहा कि यदि वह चलते पुलिस वाहन से कूदा होता, तो ऐसा होना संभव नहीं था।
उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को अंसारी के आश्रितों को अनुग्रह राशि का भुगतान करने का निर्देश देने का आग्रह किया।
अनवर ने कहा कि अंसारी बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था और उसकी छह महीने की एक बेटी है।
भाषा कैलाश जोहेब
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