नासिक, 11 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि सूखे की समस्या से निपटने के लिए जल संरक्षण और झीलों से गाद निकालने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
फडणवीस ने ‘मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान 2.0’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र और सतत विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और ग्रामीणों से मिलकर काम करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र और सतत विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और ग्रामीणों को मिलकर काम करना चाहिए। इस वर्ष सूखे की स्थिति से निपटने के लिए ‘मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान 2.0’ के तहत पानी की एक-एक बूंद बचाने, झीलों से गाद निकालने, बांधों की मरम्मत करने और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।’’
उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग द्वारा आयोजित ‘लोकप्रतिनिधींचा महाकुंभ’ और मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान 2025-26 के तहत पुरस्कार वितरण समारोह कार्यक्रम को संबोधित किया।
फडणवीस ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री समृद्ध पंचायत राज अभियान ग्रामीण क्षेत्रों की सामूहिक शक्ति को बढ़ावा देकर गांवों के विकास को गति देने वाला एक महत्वपूर्ण अभियान है। ‘जलयुक्त शिवार अभियान’ ने साबित किया है कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों के मिलकर काम करने से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।’’
उन्होंने कहा कि इस अभियान के कारण गांवों में सड़कों, शौचालयों, सीसीटीवी प्रणाली, जलापूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है।
फडणवीस ने कहा कि वह पुरस्कार जीतने वाली ग्राम पंचायतों सहित 12 ग्राम पंचायतों का दौरा करेंगे और वहां किए गए विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सूखा प्रभावित तालुकाओं में 12 प्रकार के उपाय शुरू किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सरकार आने वाले दिनों में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। किसानों को सहायता प्रदान करते समय जरूरत के अनुसार निर्धारित मानदंडों से परे जाकर भी निर्णय लिए जाएंगे।’’
भाषा शफीक सुरेश
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