नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब के हटाए गए प्रबंधन को राष्ट्रपति भवन इलाके में मौजूद क्लब परिसर से अपना सामान और अन्य चीजें ले जाने की अनुमति दे दी है।
न्यायमूर्ति अमित महाजन ने केंद्र सरकार के अधिकारियों से कहा कि वे क्लब के दो पदाधिकारियों को दो हफ्ते के अंदर सामान एकत्र करने में मदद करें।
अदालत ने यह आदेश क्लब की एक याचिका पर पारित किया। इस क्लब को पहले तालकटोरा क्लब के नाम से जाना जाता था। क्लब ने अपनी मान्यता रद्द कर किये जाने और संपदा अधिकारी के उस आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसमें उसे अपनी मौजूदा जगह तुरंत खाली करने के लिए कहा गया था।
याचिका पर सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने परिसंपत्ति का कब्जा ले लिया।
याचिकाकर्ता के वकील ने सात अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान, अदालत से क्लब में जाकर कुछ सामान और दस्तावेज लाने की इजाजत मांगी।
अदालत ने आदेश दिया, ‘‘प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि वे याचिकाकर्ता के दो अधिकारियों को संबंधित परिसर में जाने और उनका सारा सामान व अन्य चीजें एकत्र करने की अनुमति दें तथा उक्त परिसंपत्ति का दौरा करने के बाद इन चीजों की सूची प्रतिवादियों को सौंपी जाए।’’
उच्च न्यायालय ने कहा कि सूची मिलने के बाद, प्रतिवादी याचिकाकर्ता द्वारा उन सामानों/चीजों को एकत्र करने में मदद करने के लिए जरूरी कदम उठाये जाएं।
याचिका में क्लब ने 14 जुलाई को दलील दी थी कि उसे दी गई मान्यता कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने मनमाने, गैर-कानूनी और असंवैधानिक तरीके से वापस ले ली।
भाषा सुभाष दिलीप
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