लखनऊ, 11 अक्टूबर (भाषा) समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने संपूर्ण क्रांति का नारा देने वाले नेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण की रविवार को 115वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कहा कि संपूर्ण क्रांति आंदोलन आज भी प्रासंगिक है।
यादव ने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए, जयप्रकाश जी का आंदोलन और उनके विचार एवं उनके दिखाए रास्ते आज भी प्रासंगिक हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर देश उसी रास्ते पर चले और समाज को उस दिशा में ले जाने के लिए काम करे तो न सिर्फ हमारा समाज समृद्ध होगा, बल्कि देश भी तरक्की करेगा। बदलाव, सुधार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की कोशिश शुरू हो गई है।’’
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि जयप्रकाश जी ने सबसे गरीब और दबे-कुचले लोगों के लिए आवाज उठाई थी और समाजवादी पार्टी शोषित, दुखी और अपमानित लोगों के साथ खड़ी है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि सत्ता में बैठे लोग तकलीफ पहुंचाते हैं। वे जितना ज्यादा दर्द देंगे, पीडीए उतना ही फैलेगा।
इससे पूर्व, जेपीएनआईसी की सुरक्षा बढ़ाए जाने के बीच सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोकनायक को कैद करने का आरोप लगाया था।
अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आजकल वे ही ‘रखवाले’ हैं, जिनकी सोच पर लगे ताले हैं। जिन जयप्रकाश नारायण ने स्वतंत्रता का आंदोलन लड़ा, आज भाजपा राज में वही क़ैद से कर दिये गये हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में किसी भी दुर्दांत तानाशाह तक ने शायद कभी किसी महापुरुष की जयंती के अवसर पर इस तरह की पाबंदी नहीं लगाई होगी। भाजपाई तो अंग्रेजों से भी गये गुजरे हैं।’’
जयप्रकाश नारायण की स्मृति में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 2016 में इस स्मारक का उद्घाटन किया था और तब से यह परिसर सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव का केंद्र रहा है।
जिला प्रशासन ने शनिवार को लखनऊ स्थित जेपीएनआईसी की सुरक्षा बढ़ा दी थी।
इस केंद्र के बाहर भारी अवरोधक लगाए गए हैं, जबकि इसके प्रवेश द्वार पर ऊंचे टिन शेड स्थापित किए गए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अक्टूबर, 2023 में यादव को उक्त परिसर में प्रवेश देने से मना किए जाने पर वह जेपीएनआईसी के गेट पर चढ़ गए थे और श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उस समय प्रशासन ने निर्माण कार्य और सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया था।
भाषा राजेंद्र शोभना सुरेश
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