नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर (भाषा) त्योहारी सत्र की सेल के पहले दो दिन में ई-कॉमर्स कंपनियों ने करीब 24,000 करोड़ रुपये का सामान बेचा हैं। ऑर्डर की संख्या में जोरदार बढ़ोतरी के दम पर यह बिक्री दर्ज की गई, जिसमें मूल्य के लिहाज से मोबाइल फोन की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। परामर्श कंपनी रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स ने यह जानकारी दी है।
परामर्श फर्म का अनुमान है कि ग्राहकों ने अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो, आजिओ और कई अन्य ऑनलाइन मंच पर कुल मिलाकर लगभग आठ से नौ करोड़ ऑर्डर दिए।
रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के एसोसिएट भागीदार निखिल दलाल ने पीटीआई-भाषा को बताया कि शुरुआती दो दिन यह दर्शाते हैं कि भारत में त्योहारी ई-कॉमर्स का दायरा और विस्तृत हो रहा है। इस वृद्धि में ऑर्डर की संख्या का मुख्य योगदान है, जहां उपभोक्ता केवल मोबाइल तक सीमित न रहकर फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों पर भी जमकर खर्च कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सस्ते एवं किफायती फैशन उत्पादों की मांग सबसे अलग नजर आई, क्योंकि दूसरी श्रेणी (टियर-2) और छोटे शहरों के ग्राहकों ने किफायती कीमतों पर त्योहारी कपड़े खरीदे। शुरुआती दो दिन में सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) 2.5 अरब डॉलर (करीब 24,200 करोड़ रुपये) से अधिक रहा और लगभग छह से 6.5 करोड़ खरीदार अब तक सेल में भाग ले चुके हैं।’’
फर्म ने बताया कि जीएमवी में यह वृद्धि सामान्य कारोबारी दिनों (बीएयू) की दैनिक औसत दर से लगभग छह गुना अधिक रही।
अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां बिक्री के लिए अपनी ‘क्विक कॉमर्स’ इकाइयों का उपयोग कर रही हैं और मंच पर उनकी प्रमुखता बढ़ा रही हैं, जिसने सामान्य दिन के दैनिक औसत से चार से पांच गुना अधिक जीएमवी दर्ज किया।
अनुमानों के अनुसार, मूल्य के लिहाज से मोबाइल सबसे बड़ी श्रेणी बनी रही, लेकिन बड़े घरेलू उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री बाजार की औसत वृद्धि दर से अधिक तेजी से बढ़ी।
कुल बिक्री में मोबाइल फोन की हिस्सेदारी 38 से 40 प्रतिशत यानी लगभग 9,100 से 9,600 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। कुल बिक्री में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की हिस्सेदारी लगभग 25 से 27 प्रतिशत (6,000 से 6,500 करोड़ रुपये) और फैशन उत्पादों की हिस्सेदारी 15 से 18 प्रतिशत (लगभग 3,630 से 4,350 करोड़ रुपये) रहने का अनुमान है।
रेडसीर के अनुसार, शुरुआती दिन खरीदारी करने वालों में लगभग एक-तिहाई हिस्सेदारी 'जेन जेड' (युवा पीढ़ी) की रही।
भाषा पाण्डेय अजय
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