Breaking News

यूपी-बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र में आज आएंगे MLC चुनाव के नतीजे     |   इजरायल में आम चुनाव आज, होगी वोटिंग     |   गुवाहाटी के होटल में हुई फायरिंग में इस्तेमाल हथियार जब्त, 5 की मौत     |   चक्रवात 'ऑर्नब' को लेकर आंध्र प्रदेश में अलर्ट, भारी बारिश की आशंका     |   यूक्रेन की राजधानी कीव में जबरदस्त धमाका, कल रूस ने भी किया था अटैक     |  

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन: उच्चतम न्यायालय ने कई निर्देश दिए, अवैध हिरासत पर रोक लगाई

नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने रविवार को एक विशेष सुनवाई के दौरान दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शन के कारण मेट्रो और ट्रेन सेवाओं से जुड़े अदालत के आदेश के कथित उल्लंघन पर अवमानना ​​की कार्रवाई के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी करते हुए कई निर्देश दिए।

न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

* शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने वाले लोगों को कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना अवैध रूप से हिरासत में नहीं लिया जाए।

* दिल्ली मेट्रो और रेलवे सेवाएं सामान्य रूप से बहाल की जाएं। प्रतिबंध केवल तभी लगाए जा सकते हैं, जब वे संविधान के अनुच्छेद 19(2) के तहत उचित ठहराए जा सकें।

* कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इंटरनेट सेवाएं बहाल की जाएं।

* यातायात नियमों के अधीन लोगों की आवाजाही निर्बाध रहे और बैरिकेड लगाने की आवश्यकता की समीक्षा की जाए।

* वकीलों, पत्रकारों और अन्य लोगों को अपने पेशेवर कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा नहीं पहुंचाई जाए।

* कानून के अनुसार शांतिपूर्ण सभाओं की अनुमति दी जाए, विशेषकर उन क्षेत्रों के बाहर जहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है।

* बड़े पैमाने पर हिरासत में लिए जाने के आरोपों से संबंधित बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं और अन्य संबंधित मामलों पर मुख्य मामलों के साथ 13 अक्टूबर को सुनवाई होगी।

* प्रदर्शनकारियों को याद दिलाया गया कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए और दूसरों को उकसाने वाला नहीं होना चाहिए।

* उच्चतम न्यायालय संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत मौलिक अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें लागू कराने के लिए बाध्य है।

भाषा आशीष रंजन

रंजन