तिरुवनंतपुरम, 11 अक्टूबर (भाषा) केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने रविवार को युवतियों और लड़कियों से अपील की कि वे डर के कारण चुप न रहें और घर, दोस्तों या रिश्तों में किसी भी तरह के भेदभाव का सामना करने पर खुलकर आवाज उठाएं।
चेन्निथला ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में कहा कि 11 अक्टूबर को मनाए जाने वाले ‘अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस’ पर उन लड़कियों और युवतियों की परेशानियों पर ध्यान देने की जरूरत है, जो चुपचाप भेदभाव सहती हैं।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब केरलम पुलिस ने घरेलू हिंसा से निपटने और पीड़ितों को कानूनी सहायता, परामर्श तथा आजीविका से जुड़ी मदद उपलब्ध कराने के लिए इस सप्ताह की शुरुआत में ‘स्पीक अप’ नाम से एक विशेष कार्यबल गठित किया है।
इस कार्यबल की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजिता बेगम को सौंपी गई है। इसका उद्देश्य घरेलू हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने और पुलिस की मदद लेने का सुरक्षित माध्यम उपलब्ध कराना है, खासकर उन महिलाओं को जो सीधे शिकायत नहीं कर पातीं।
मंत्री ने रविवार को कहा कि आज की युवतियां खुलकर अपनी बात रखती हैं, उनके विचार स्पष्ट हैं और उनकी आत्मविश्वास से भरी मुस्कान सभी को आकर्षित करती है। उन्होंने इसका श्रेय उन माता-पिता को दिया, जिन्होंने अपनी बेटियों को पाबंदियों में रखने के बजाय समानता का माहौल दिया है।
चेन्निथला ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘लेकिन आज भी हमारे बीच ऐसी कई लड़कियां हैं, जो चुपचाप तकलीफ सहती हैं। घर में, दोस्तों के बीच या रिश्तों में भेदभाव होने पर उन्हें समझ नहीं आता कि इसका विरोध कैसे करें। आइए, 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर ऐसी लड़कियों की ओर ध्यान दें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बच्चियों, डर को अपनी आवाज दबाने मत दो। अपनी बात खुलकर कहो। आवाज उठाओ! कोई न कोई तुम्हारी बात जरूर सुनेगा।’’
भाषा
शुभम सिम्मी
सिम्मी