नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 10 अक्टूबर (भाषा) केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन सहित मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कई वरिष्ठ नेताओं को शनिवार को नयी दिल्ली में हिरासत में ले लिया गया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू करने जा रहे नेताओं को कथित तौर पर पुलिस वाहनों में घंटों घुमाया गया।
इस कार्रवाई पर केरलम में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की और मुख्य सचिव तथा नयी दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त को निर्देश दिया कि वे विजयन की तुरंत रिहाई के लिए दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से समन्वय करें।
पुलिस की इस कथित मनमानी के विरोध में माकपा की जिला समितियों और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) की इकाइयों ने पूरे राज्य में विरोध मार्च निकाले।
राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास और विधायक के एन बालगोपाल के साथ शाम लगभग सात बजे मंदिर मार्ग थाने से रिहा होने के बाद विजयन ने इस घटनाक्रम को असामान्य बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की इस कार्रवाई का मकसद कुमार तथा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन को दबाना था।
विजयन ने कहा, ‘‘हमें सुबह करीब 10:30 बजे हिरासत में लिया गया था। हम तीनों को जीप की एक ही सीट पर बिठाया गया और करीब साढ़े तीन घंटे तक दिल्ली की सड़कों पर घुमाया जाता रहा।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद एक स्टेडियम भी ले जाया गया, जहां कुछ समय बिताने के बाद अंत में थाने लाया गया।
विजयन ने सवाल उठाया कि मंदिर मार्ग थाने और जंतर-मंतर के बीच की दूरी बहुत कम होने के बावजूद उन्हें घंटों सड़कों पर क्यों घुमाया गया। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार प्रदर्शन को कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा था, लेकिन इससे आंदोलन और मजबूत ही होगा।
माकपा नेता ने बताया कि थाने के अधिकारियों को भी उन्हें लाए जाने की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी और बाद में पुलिसकर्मियों ने अपने खाने के लिए बनी रोटियां उन्हें (विजयन और साथी नेताओं को) खाने को दीं।
इससे पहले ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री सतीशन ने विजयन की मनमानी हिरासत पर चिंता जताते हुए इसकी कड़ी निंदा की थी।
माकपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं महासचिव एम ए बेबी, राज्य सचिव एम वी गोविंदन, पी राजीव, टी एम थॉमस इसाक, ई पी जयराजन, सांसद वी शिवदासन, पी के श्रीमती, सी एस सुजाता और के के शैलजा को दूसरे वाहन में हिरासत में रखा गया था। शाम तक सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।
घटना के विरोध में केरलम भर में माकपा और डीवाईएफआई ने व्यापक प्रदर्शन किए। विजयन के दामाद और विधायक पी ए मोहम्मद रियास तथा माकपा नेता एम बी राजेश ने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को गैर-कानूनी और अमानवीय करार दिया।
भाषा सुमित शफीक
शफीक