नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों के गुरुद्वारा बंगला साहिब में शरण लेने के बीच दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा गुरुद्वारे में नारेबाजी किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के नेता इस धार्मिक स्थल को बदनाम कर रहे हैं।
डीएसजीएमसी के प्रमुख हरमीत सिंह कालका ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारा बंगला साहिब के मुख्य हॉल में जबरन घुसने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी तख्तियां लेकर परिसर में आए और वहां नारेबाजी की।
कालका ने एक बयान में कहा, ‘‘मुझे यह देखकर बहुत हैरानी होती है कि गुरुद्वारा, जो हर वर्ग के लोगों के लिए खुला है और जहां सभी को भोजन कराया जाता है, उसका इस्तेमाल प्रदर्शनों के लिए किया जा रहा है।’’
घटना के कथित वीडियो दिखाते हुए उन्होंने परिसर में प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पहुंचे पुलिसकर्मियों की आलोचना पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के गुरुद्वारे में प्रवेश करने के बाद हस्तक्षेप किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप प्रदर्शनकारियों को गुरुद्वारे के अंदर भेजते हैं और पुलिस उन्हें बाहर निकालने आती है, तो आप ही बताइए कि इसके अलावा और क्या किया जाना चाहिए?’’
कालका ने गुरुद्वारे के परिसर में पुलिस की मौजूदगी पर सवाल उठाने वाले आप विधायकों की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी इस धार्मिक स्थल को राजनीतिक अखाड़े में बदलने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा भोजन और आश्रय की तलाश में आने वाले सभी लोगों का स्वागत करता है, लेकिन इसके परिसर का इस्तेमाल प्रदर्शन के अड्डे के रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कालका ने कहा, ‘‘गुरुद्वारे की गरिमा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।’’
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे के परिसर में राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
भाषा राखी अविनाश
अविनाश