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कॉजपा के प्रदर्शन पर जरांगे ने कहा : असहमति की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही सरकार

जालना, 10 अक्टूबर (भाषा) मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शनिवार को आरोप लगाया कि सरकार ने दिल्ली और मुंबई में कॉजपा के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग कर असहमति की आवाज दबाने और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने की कोशिश की।

जरांगे ने कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संयोजक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि यह कार्रवाई आंदोलन को कमजोर करने के इरादे से की गई।

जालना में संवाददाताओं से बातचीत में जरांगे ने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाहीपूर्ण तरीके से व्यवहार कर रही है और वह छात्रों, युवाओं तथा समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘ये प्रदर्शन छात्रों और गरीबों से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए आयोजित किए गए थे। अगर सरकार लोगों को अपनी समस्याओं के लिए प्रदर्शन करने की अनुमति देने को तैयार नहीं है, तो इससे पता चलता है कि वह उनकी चिंताओं को सुनना नहीं चाहती।’’

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने से उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान नहीं होगा, बल्कि इससे जनता में असंतोष बढ़ेगा।

मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर लोगों को हिरासत में लिया गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, बैरिकेड लगाए गए थे और आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए गए थे।

मुंबई में पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान में कॉजपा के समर्थन में प्रदर्शन करने के लिए करीब 200 लोगों को हिरासत में लिया।

इनमें सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी के नेतृत्व वाले संगठन के सदस्य और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के समर्थक शामिल थे।

जरांगे ने सरकार से छात्रों, युवाओं और वंचित समुदायों की चिंताओं को सुनने तथा संवाद के जरिए उनका समाधान करने की अपील की।

भाषा रंजन अविनाश

अविनाश