मुंबई, 10 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने शनिवार को कहा कि जिन बॉलीवुड अभिनेताओं को ‘सरोगेट’ विज्ञापन के जरिए प्रतिबंधित उत्पाद का प्रचार करने के आरोप में नोटिस भेजे गए थे, उनके जवाब मिल गए हैं और कार्रवाई से पहले उन्हें सुनवाई का एक और मौका दिया जाएगा।
‘सरोगेट’ विज्ञापन एक विपणन रणनीति है जिसका इस्तेमाल ऐसे उत्पादों का प्रचार करने के लिए किया जाता है, जिनके विज्ञापन पर कानूनी पाबंदी या रोक लगी होती है।
विभाग ने प्रतिबंधित उत्पादों के कथित तौर पर अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार किये जाने को लेकर अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ से जवाब मांगा था।
यहां 'इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026' में मुंढे ने गुमराह करने वाले विज्ञापनों के दावों का जिक्र किया और कहा कि उपभोक्ताओं को खाने-पीने की चीजों के पैकेट पर छपी जानकारी को पढ़ने और समझने में सक्षम होना चाहिए।
प्रतिबंधित तंबाकू-संबंधी उत्पादों के अप्रत्यक्ष विज्ञापन के आरोपी ‘सेलिब्रिटी’ के खिलाफ की गई कार्रवाई पर मुंढे ने कहा कि एफडीए ने अपने कानूनी अधिकारों के दायरे में रहकर कार्रवाई की है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 24 और 2018 में लागू किए गए विज्ञापन नियमों का जिक्र करते हुए मुंढे ने कहा कि प्रचार करने वालों को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिन उत्पादों का वे विज्ञापन कर रहे हैं, वे कानून के मुताबिक हों।
एफडीए आयुक्त ने कहा कि जिन अभिनेताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनसे जवाब मिल गए हैं और आगे की कार्रवाई से पहले उन्हें सुनवाई का एक और मौका दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘जो कोई भी कानून का उल्लंघन करेगा, उसे कानून का सामना करना पड़ेगा।’’ उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञापन से जुड़े नियम सभी खाद्य उत्पादों पर लागू होते हैं, न कि सिर्फ प्रतिबंधित चीजों पर।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश