कोलकाता, 10 अक्टूबर (भाषा) वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने शनिवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'युद्ध का ऐलान' करने का आरोप लगाया।
उन्होंने यह आरोप ऐसे समय लगाया, जब राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
हालांकि, भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने विपक्षी दलों पर देश के राजनीतिक परिदृश्य में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए कॉजपा के विरोध प्रदर्शन का सहारा लेने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं को गलत रास्ते पर ले जाने की कोशिश की जा रही है।’’
मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश करने वाले ‘इंडिया’ गठबंधन के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार शामिल हैं।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ कॉजपा द्वारा बुलाए गए प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में कई स्थानों पर हिरासत में लेने की कार्रवाई की गई। इस दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, अवरोधक लगाए गए थे और आवाजाही पर पाबंदियां लगाई गई थीं।
प्रदर्शन का समर्थन करते हुए बोस ने कहा कि आंदोलन लोकतंत्र का हिस्सा हैं। उन्होंने यहां मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य मुख्यालय में कहा, ‘‘सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है।’’
वाम मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की थी। इसके साथ ही ट्रेन सेवाएं रद्द करने के साथ साथ मेट्रो सेवाएं भी निलंबित कर दी गईं।
उन्होंने कहा, ‘‘ये कदम लोकतंत्र के विनाश का संकेत देते हैं।’’
भाषा
प्रचेता नरेश
नरेश