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हिरासत में लिए गए माकपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की सोशल मीडिया पर निंदा की

नयी दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, 10 अक्टूबर (भाषा) मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ शनिवार को प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं ने इस कार्रवाई की सोशल मीडिया पर पोस्ट कर निंदा की।

केरलम में भी पार्टी नेताओं ने उन्हें हिरासत में लिए जाने का विरोध किया।

केरलम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने हिरासत में लिए जाने के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी को ‘‘खुली जेल’’ में बदल दिया है और सशस्त्र पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों को तैनात करके विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है।

विजयन ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन सत्ता में बैठे लोगों के समर्थन से जनता के मताधिकार को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ था। उन्होंने मताधिकार को लोकतंत्र की नींव बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्रदर्शन करने जा रहे लोगों को हिरासत में लेकर और अंधाधुंध गिरफ्तारियां करके भारत को ‘‘पुलिस राज’’ में बदलने की कोशिश कर रही है।

विजयन ने कहा कि संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

माकपा नेता पी. राजीव ने भी उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस के उस वाहन से एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्हें ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियों के बावजूद भारत में लोकतंत्र बचाने के लिए आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘माकपा के सभी केंद्रीय नेताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पुलिस ने हमें गिरफ्तार करके जेल जैसी गाड़ी में बैठा दिया है। हम पिछले एक घंटे से इसी गाड़ी में घूम रहे हैं।’’

राजीव ने इस आंदोलन को देश के इतिहास का एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन बताया और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से इसे और मजबूती से आगे बढ़ाने की अपील की।

इस बीच, माकपा नेता पी. ए. मोहम्मद रियास ने फेसबुक पर एक पोस्ट में पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे ‘‘अलोकतांत्रिक’’ बताया।

विधायक और विजयन के दामाद रियास ने कहा कि अधिकारियों को यह नहीं समझना चाहिए कि वे पार्टी नेताओं को गिरफ्तार करके विरोध प्रदर्शनों को दबा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार लोकतंत्र का एक बुनियादी हिस्सा है और पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष तेज करेगी।

माकपा के वरिष्ठ नेता वी. शिवनकुट्टी ने भी सोशल मीडिया पर ‘‘हम लेकर रहेंगे’’ के नारे के साथ एक पोस्ट साझा की।

वहीं, माकपा की केरलम इकाई ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया।

भाषा

सिम्मी पवनेश

पवनेश