चंडीगढ़, 10 अक्टूबर (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर शनिवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार की आलोचना की।
मान ने यहां कॉजपा के प्रदर्शन के बारे में एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘‘करीब 80,000 से 90,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। वे (प्रदर्शनकारी) छात्र हैं, उनके पास कोई हथियार नहीं है। वे लोकतंत्र के लिए आए थे, ताकि उनके वोट मतदाता सूची से न हटाए जाएं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वोट हटाए गए, लेकिन पसंदीदा वोटों को बनाए रखा गया। यह मामला सामने आ चुका है। निर्वाचन आयोग के दो सदस्यों ने भी कहा है कि उनसे (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े फैसलों के बारे में) पूछा नहीं गया था। यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर छात्र लोकतंत्र को बचाने के लिए आगे आ रहे हैं, अगर जेन-जी आगे आ रही है, तो उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जानी चाहिए। अब केंद्र सरकार जंतर-मंतर से क्यों डर रही है?’’
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता ने यह भी कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए।
राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा कर्मियों की भारी तैनाती पर उन्होंने कहा, ‘‘पूरी दिल्ली को किले में बदल दिया गया है।’’
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे करीब 500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कॉजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।
पुलिस ने सुरक्षा कारणों और जरूरी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए कॉजपा को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी।
कॉजपा ने एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों और मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 से जुड़े बदलावों को लेकर कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया है। भाषा जोहेब पवनेश
पवनेश