अहमदाबाद, 10 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपक बाबरिया का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। पार्टी के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पूर्व महासचिव बाबरिया के निधन को ‘‘अपूरणीय क्षति’’ बताया और मजदूरों के अधिकारों और कांग्रेस की विचारधारा के प्रति उनके जीवन भर के समर्पण को याद किया।
कांग्रेस की गुजरात इकाई के मुख्य प्रवक्ता मनीष दोशी ने बताया कि बाबरिया (74) ने अहमदाबाद के जीवराज मेहता अस्पताल में सुबह करीब 9.30 बजे अंतिम सांस ली। वह एक महीने से अधिक समय से अस्पताल में भर्ती थे और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।
दोशी ने बताया कि 1951 में जन्मे बाबरिया ने पार्टी के लिए अपने जीवन के 53 साल समर्पित किए और वह गरीबों की आवाज बने तथा हमेशा उनके अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी।
उन्होंने बताया कि बाबरिया पेशे से केमिकल इंजीनियर थे। उन्होंने कर्नाटक, हरियाणा, मध्यप्रदेश और दिल्ली में संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभाई।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें ‘‘समर्पित कांग्रेसी’’ बताया, जिन्होंने मध्यप्रदेश में पार्टी प्रभारी के तौर पर 15 साल के अंतराल के बाद राज्य में कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाने में मदद की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व महासचिव दीपक बाबरिया जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका जाना कांग्रेस परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘संगठन के प्रति उनका समर्पण और पार्टी को मजबूत करने में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। इस कठिन समय में उनके परिजनों, साथियों और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। दीपक जी को भावभीनी श्रद्धांजलि और नमन।’’
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे ने उन्हें एक ‘‘समर्पित कांग्रेसी’’ बताया, जो अपनी सादगी, ईमानदारी और पार्टी की विचारधारा के प्रति अटूट निष्ठा के लिए जाने जाते हैं।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व महासचिव दीपक बाबरिया जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। शोक-संतप्त परिजनों एवं समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।’’
भाषा सुभाष पवनेश
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