हैदराबाद, 10 अक्टूबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तेलंगाना उच्च न्यायालय का रुख कर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी और अन्य लोगों के खिलाफ दायर मुकदमों की त्वरित और प्रतिदिन सुनवाई का अनुरोध किया है।
ईडी ने युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के अध्यक्ष और 73 अन्य लोगों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की है। यह प्राथमिकी उनकी कंपनियों में निवेश के बदले कथित लाभ पहुंचाने से संबंधित है।
यह जांच उन आरोपों को लेकर शुरू की गई थी कि आंध्र प्रदेश सरकार ने बड़े कॉरपोरेट घरानों और व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुंचाया। आरोप है कि जगन और उनके परिवार की कंपनियों में भारी निवेश आया, जो उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल में सरकार द्वारा प्रदान किये गए इन लाभों के बदले में किया गया एक लेन-देन समझौता था।
ईडी ने 2016 और 2021 के बीच यहां सीबीआई मामलों की विशेष अदालत में जगन और अन्य लोगों के खिलाफ नौ शिकायतें दायर की थीं।
दायर की गई सभी नौ शिकायतों पर संज्ञान लिया गया है और आरोप मुक्त करने की याचिकाओं पर सुनवाई लंबित है।
प्रवर्तन निदेशालय ने कहा, ‘‘ईडी ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जल्द सुनवाई के अधिकार का हवाला देते हुए तेलंगाना उच्च न्यायालय का रुख किया (23 सितंबर को) और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि कार्यवाही तेजी से पूरी की जाए।’’
ईडी ने दावा किया कि जगन के मामले में कार्यवाही लगभग 10 वर्ष से लंबित है और कार्यवाही का घटनाक्रम यह दर्शाता है कि मामले के अभियोजन में उचित तत्परता का अभाव रहा है।
ईडी की विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘न्याय के हित में, अभियोजन पक्ष की शिकायतों और आरोप मुक्त करने संबंधी याचिकाओं पर त्वरित और प्रतिदिन सुनवाई के लिए उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की गई थी।’’
ईडी की जांच में यह दावा किया गया है कि जगन और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी कंपनियों - जैसे भारती सीमेंट कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड, जगती पब्लिकेशन्स लिमिटेड और जनाई इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड - में अलग-अलग कंपनियों और लोगों ने अत्यधिक कीमतों पर शेयर खरीदकर भारी निवेश किया।
भाषा सुभाष दिलीप
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