नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर से लगे इलाकों में लगभग 1,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान दिल्ली पुलिस के कम से कम दो कर्मचारियों को चोटें आईं, जिनमें 'पिंक फोर्स' की एक महिला सदस्य भी शामिल है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि घायल पुलिस कर्मियों -- सुमन और धीरज यादव -- को इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया और उनके घायल होने की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।
कर्तव्य पथ पुलिस थाने के पास सुरक्षाकर्मियों को चोटें आईं।
पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा), आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं और अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शनकारियों समेत लगभग 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया।
कॉजपा द्वारा निर्वाचन आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद, राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी और इसी दौरान ये गिरफ्तारियां हुईं।
पुलिस ने नयी दिल्ली जिले में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
मनाही के बावजूद, कई प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में ले लिया। राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए थे और कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए हजारों पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया था।
नयी दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया था और विशेष पुलिस आयुक्त, उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त जैसे वरिष्ठ अधिकारी हालात पर नजर रख रहे थे।
महत्वपूर्ण सड़कों और प्रवेश स्थानों पर भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जबकि प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
भाषा सुभाष नरेश
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