नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह की कार्यशैली ‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि’ को दर्शाती है तथा ये दोनों नेता जनता के आक्रोश से घबराए हुए हैं।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री ‘सेवा तीर्थ’ अब ‘तेजी से ढहता हुआ सत्ता तीर्थ’ बन गया है।
'सेवा तीर्थ’ नए प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम है।
रमेश ने कहा कि देश की राजधानी में आज जो कुछ हो रहा है, उसे देखकर पुरानी कहावत ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ याद आती है। यह विपरीत बुद्धि वर्षों से प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की ‘कुटिल जोड़ी’ की पहचान रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री घबराए हुए हैं, जिसके कारण राष्ट्रीय राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया है।
रमेश ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी नियुक्ति के समय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों का पूरी वफादारी से पालन किया।
उन्होंने दावा किया कि दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों के निलंबन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त को आजीवन कानूनी संरक्षण देने वाला कानून संसद में जबरन पारित कराया गया था।
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मताधिकार से जुड़े मुद्दों ने लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर किया है।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के समक्ष झूठ बोलने के आरोपी मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा अब नैतिक रूप से अनिवार्य हो गया है।
रमेश ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा लोकतंत्र की बुनियाद को फिर से मजबूत करने की दिशा में पहला कदम होगा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना लोगों, विशेषकर युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए जरूरी है।
उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया रोकने की मांग करते हुए दावा किया कि इसके जरिए अब तक करीब 14 करोड़ भारतीयों को उनके मताधिकार से वंचित किया जा चुका है।
रमेश ने कहा कि चुनावी व्यवस्था में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए एसआईआर प्रक्रिया रद्द करना आवश्यक है।
इससे पहले, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘भारतीय लोकतंत्र को श्रद्धांजलि (1947-2026)।’’
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह युवाओं के आक्रोश से घबरा गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि राजधानी में सभी ट्रेनें बंद हैं, 57 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं, बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) तैनात किया गया है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘मोदी-शाह सरकार ने आधिकारिक तौर पर अपने ही लोगों के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है।’’
उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सत्याग्रह के खिलाफ कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि अहिंसक विरोध को सबसे क्रूर और दमनकारी तरीके से कुचला जा रहा है।
भाषा हक प्रचेता नरेश
नरेश