नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र ने एक शिक्षक की दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित बच्ची के इलाज के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए हैं। शनिवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।
पूर्व में ‘स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग’ (एसओएल) के नाम से जाना जाने वाले इस केंद्र ने बताया कि बच्ची मांसपेशियों को कमजोर करने वाली एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी ‘स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए) टाइप-2’ से पीड़ित है।
यह पहल नवगठित ‘सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन टीचर्स एसोसिएशन’ (सीडीओईटीए) के अनुरोध के बाद की गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष के प्रवीण रेड्डी, सचिव रवि कुमार और शिक्षकों के एक दल ने बच्ची के इलाज के संबंध में एसओएल की निदेशक पायल मागो से संपर्क किया था।
बयान के अनुसार, केंद्र ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के वरिष्ठ चिकित्सकों समेत विशेषज्ञों की एक समिति गठित की है, जो मामले की समीक्षा करेगी और इलाज के लिए धनराशि जारी करने एवं उसके हस्तांतरण पर निर्णय लेने में मदद करेगी।
भाषा राखी सिम्मी
सिम्मी