कोलकाता, 10 अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल में शनिवार को महालय के अवसर पर हजारों लोग अपने पूर्वजों को तर्पण करने के लिए हुगली नदी और अन्य जलाशयों के तट पर एकत्रित हुए। इसके साथ ही राज्य के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा की उलटी गिनती शुरू हो गई।
महालय के साथ ‘पितृ पक्ष’ समाप्त होने और ‘देवी पक्ष’ की शुरुआत होने के अवसर पर श्रद्धालु दिवंगत पूर्वजों को ‘तर्पण’ के लिए सुबह-सुबह कोलकाता के नदी घाटों पर पहुंचने लगे।
सुबह बीरेंद्र कृष्ण भद्र की जानी-पहचानी आवाज में ‘महिषासुरमर्दिनी’ का पारंपरिक प्रसारण हुआ। यह परंपरा कई पीढ़ियों से पश्चिम बंगाल में महालय के उत्सव का अभिन्न हिस्सा रही है।
राज्य सरकार ने इस अवसर पर कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।
दुर्गा पूजा का मुख्य उत्सव 16 अक्टूबर को ‘महा षष्ठी’ से शुरू होगा। इसके बाद पूरे राज्य में पारंपरिक तरीके से उत्सव मनाया जाएगा। कोलकाता में हर साल की तरह भव्य पंडालों, रोशनी से जगमगाती सड़कों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारियां चल रही हैं।
महालया हिंदू माह आश्विन की अमावस्या को मनाया जाता है। इस अवसर पर पितरों की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है और शरदोत्सव से पहले देवी दुर्गा का आह्वान किया जाता है।
भाषा तान्या अमित
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