जयपुर, 10 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाड़मेर में सूखे जैसे हालात पर चिंता जताते हुए शनिवार को राज्य सरकार से तत्काल राहत कार्य शुरू करने की अपील की।
गहलोत ने कहा कि राहत में देरी से किसानों और पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि अकालग्रस्त बाड़मेर क्षेत्र से लगभग हर दिन किसानों और पशुपालकों की बिगड़ती स्थिति की खबरें आ रही हैं।
उन्होंने कहा, “बालासर और मुंगेरिया में बारिश नहीं होने के कारण बुवाई नहीं हो सकी है और फसलें चौपट हो गई हैं। बाड़मेर-जैसलमेर सीमा पर स्थित म्याजलार में पशुधन पानी की तलाश में धोरों में भटक रहा है। इन क्षेत्रों में चारे-पानी के अलावा रोजगार की समस्या भी गंभीर हो गई है।”
गहलोत ने सरकार से राहत के लिए कदम उठाने की अपील करते हुए कहा, “मनरेगा तो खत्म कर दिया गया है, इसलिए ‘वीबी-जी रामजी’ के तहत काम शुरू किया जाना चाहिए। रोजगार के अवसर खत्म होने का असर किसानों पर पड़ेगा और पलायन जैसी समस्याएं पैदा होंगी।”
उन्होंने कहा कि गडरारोड़, शिव और रामसर के 44 गांवों में चारा डिपो खोलने के प्रस्ताव को सरकार ने अभी तक मंजूरी नहीं दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार को अपने काम में तेजी लानी होगी। यदि राहत कार्य शुरू करने में इसी तरह देरी की गई, तो स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। मुझे जो जानकारी मिल रही है, उसके आधार पर ही मैं सरकार से यह आग्रह कर रहा हूं।”
भाषा पृथ्वी खारी
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