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स्टारलिंक विवाद: मस्क ने रिलायंस समर्थित कंपनियों की ओर से भाजपा को दिए चंदे की खबरों को साझा किया

(परिवर्तित स्लग के साथ)

नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (भाषा) अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने उद्योगपति मुकेश अंबानी पर अपना हमला तेज करते हुए शनिवार को मीडिया की उन खबरों के स्क्रीनशॉट साझा किए जिनमें आरोप लगाया गया था कि रिलायंस समर्थित एक कंपनी ने सोशल मीडिया पर भाजपा के अभियानों में मदद की थी और रिलायंस से जुड़ी एक कंपनी ने चुनावी बॉण्ड के जरिए सत्तारूढ़ दल को बड़ा राजनीतिक चंदा दिया था।

मस्क ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी हालिया पोस्ट में समाचार वेबसाइट ‘अल जजीरा’ की 2022 की एक खबर साझा की, जिसका शीर्षक था, ‘रिलायंस द्वारा वित्तपोषित कंपनी फेसबुक पर भाजपा के अभियानों में कैसे मदद करती है।’ उन्होंने अंग्रेजी दैनिक ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की 2024 की एक खबर भी साझा की, जिसमें चुनावी बॉण्ड के जरिए राजनीतिक दलों को दिए गए चंदे का ब्योरा था। खबर के अनुसार, रिलायंस से जुड़ी इस कंपनी ने चुनावी बॉण्ड के माध्यम से भाजपा को 385 करोड़ रुपये और शिवसेना को 25 करोड़ रुपये का चंदा दिया था।

मस्क की यह ताजा टिप्पणी भारत में उनकी उपग्रह इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की शुरुआत में लगातार हो रही देरी को लेकर मुकेश अंबानी की आलोचना के बीच आई है।

मस्क ने शुक्रवार शाम इन खबरों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा किए। इससे कुछ घंटे पहले ही उन्होंने मुकेश अंबानी को व्यंग्यात्मक लहजे में ‘‘प्रधानमंत्री अंबानी’’ कहकर संबोधित किया था और उन पर ‘‘एकाधिकार’’ बनाए रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

मस्क ने यह भी पूछा था, ‘‘क्या अंबानी देश में उपग्रह इंटरनेट सेवाओं को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने पर विचार करेंगे?’’

इस बीच, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया था कि भारत किसी भी क्षेत्र में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता है।

उन्होंने कहा था कि एक ‘खास’ कंपनी को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन देश में तीन कंपनियों को उपग्रह संचार सेवाओं के लिए लाइसेंस मिल चुके हैं। इनमें से प्रत्येक कंपनी को सुरक्षा संबंधी शर्तें पूरी करने के बाद ही सेवाएं शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।

भाषा खारी देवेंद्र

देवेंद्र