लातेहार, नौ अक्टूबर (भाषा) झारखंड के लातेहार में अफीम बरामदगी के लिए छापेमारी के दौरान प्रक्रियागत चूक और आदिवासी महिला के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करने के आरोप में थाना प्रभारी समेत दो पुलिसकमियों को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस निर्देश के बाद की गई, जिसमें उन्होंने पुनिया देवी द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने को कहा था। पुनिया देवी हेरहंज प्रखंड के सलैया पंचायत अंतर्गत मेलम टोला मलहन की निवासी हैं जिन्होंने बरियातू थाना के प्रभारी प्रभात कुमार दास और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत की थी।
लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर हमने प्रभात कुमार दास और कांस्टेबल मनीष राम को निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी और नियमानुसार दंडित किया जाएगा।’’
दास को सूचना मिली थी कि पुनिया देवी के पति मुकेश गंझू और इंदुआ गांव के पिंटू यादव कथित तौर पर अवैध रूप से अफीम बेचने में शामिल थे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस सूचना की पुष्टि करने और मादक पदार्थ बरामद करने के लिए पुलिस ने छापेमारी की थी।
उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान पुनिया देवी, गंझू और यादव के साथ मौजूद थीं तथा उनके पास से अफीम बरामद हुई थी।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, आरोप है कि पुनिया देवी ने कांस्टेबल मनीष कुमार राम के हाथ पर काट लिया और उनसे अफीम का पैकेट छीनकर यादव को दे दिया, जो उसे लेकर फरार हो गया।
अधिकारी ने बताया कि महिला का आरोप है कि पांच अक्टूबर को जब वह बगनाही महुआ के पास बकरियां चरा रही थी, तो दास और अन्य पुलिसकर्मी उसे अफीम बेचने और पोस्ता की खेती में शामिल होने के शक में पुलिस थाने ले गए।
उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके पैर बांध दिए, उसे उल्टा लटका दिया और डंडों से पीटा, और फिर छह अक्टूबर की रात को उसे छोड़ दिया।
अधिकारी ने बताया कि महिला ने यह भी दावा किया कि अधिकारियों ने उस पर पोस्ता की खेती में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बयान रिकॉर्ड कराने का दबाव डाला।
शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सोरेन ने लातेहार पुलिस से इन आरोपों पर तुरंत संज्ञान लेने, जांच करने और उचित कार्रवाई के बाद रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
भाषा संतोष शफीक
शफीक