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पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुमन को सीबीआई ने फिर भेजा समन

नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) राजबीर घुमन को आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की तैनाती समेत अन्य मामलों को प्रभावित करने के बदले कथित तौर पर आर्थिक लाभ लेने से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में शुक्रवार को नया समन जारी किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सीबीआई ने बुधवार को घुमन और मामले के अन्य आरोपियों को शुक्रवार को पूछताछ के लिए पेश होने का समन भेजा था, लेकिन ओएसडी ने दावा किया कि उन्हें समन नहीं मिला।

अधिकारियों के अनुसार, घुमन शुक्रवार को पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए, जिसके बाद सीबीआई की टीम ने उनके परिसरों पर समन चस्पा किया और ईमेल के जरिए भी भेजा।

घुमन को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को उनके और सहयोगियों के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में तलब किया गया है। आरोप है कि उन्होंने आर्थिक लाभ के बदले आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की तैनाती को प्रभावित किया।

सीबीआई ने घुमन और अन्य आरोपियों से जुड़े चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में आठ ठिकानों पर छापेमारी की।

सीबीआई की प्रवक्ता बीना यादव ने एक बयान में कहा, ‘‘सीबीआई ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर घुमन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमि राजा महाजन, बीर देविंदर और आर. एस. नागरा समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें दो लोक सेवक, बिचौलिये और सहयोगी शामिल हैं। इसके अलावा अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है।’’

बयान के अनुसार, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से मिली रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। घुमन और उनके सहयोगियों पर आर्थिक लाभ के बदले आईएएस और आईपीएस अधिकारियों समेत अन्य अधिकारियों की तैनाती में हेरफेर करने, विभागीय कार्यवाही, नीतिगत फैसलों, प्रशासनिक मंजूरियों, निविदा शर्तों, लाइसेंस संबंधी मामलों, भूमि उपयोग परिवर्तन, संपत्ति विवाद तथा राजस्व और भूमि से जुड़े मामलों को प्रभावित करने के आरोप हैं।

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि आरोप है कि संबंधित लोक सेवकों ने सरकार द्वारा आदेशों और नीतियों को जारी किए जाने से पहले उनके मसौदे कथित तौर पर हासिल कर निजी व्यक्तियों को उपलब्ध कराए थे।

भाषा राखी दिलीप

दिलीप