लखनऊ, नौ अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) के उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को नई प्रोत्साहन नीति लागू करने को मंजूरी दी।
आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘उत्तर प्रदेश सतत विमानन ईंधन (सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल) विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2026’ को मंजूरी दी गई।
नीति का उद्देश्य विमानन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के साथ ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना, निजी निवेश एवं नवोन्मेष को प्रोत्साहित करना और प्रदेश में हरित रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश में धान की भूसी, गेहूं का भूसा और गन्ने की खोई जैसे कृषि अवशेष बड़ी मात्रा में उपलब्ध हैं। इनसे पायरोलिसिस और गैसीकरण जैसी प्रौद्योगिकियों के माध्यम से सतत विमानन ईंधन का उत्पादन किया जा सकता है।
एसएएफ इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहनों की स्वीकृति और वितरण के लिए उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। आवेदनों के मूल्यांकन के लिए निदेशक, यूपीनेडा के स्तर पर मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी। यह नीति लागू होने की तिथि से पांच वर्ष तक अथवा नई नीति के लागू होने तक प्रभावी रहेगी।
नीति में एसएएफ इकाइयों को निवेश के आधार पर तीन श्रेणियों में रखा गया है। 200-500 करोड़ रुपये तक पूंजी निवेश वाली इकाइयां वृहद, 500-1,500 करोड़ तक वाली मेगा और 1,500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली इकाइयां अल्ट्रा मेगा श्रेणी में होंगी।
भाषा आनन्द शफीक योगेश रमण
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