नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कहा कि यौन उत्पीड़न के आरोप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को बर्खास्त किए जाने के बाद राहुल गांधी की ‘हैरान करने वाली चुप्पी’ ने उनके ‘पितृसत्ता को खत्म करो’ के नारे की ‘खोखली’ हकीकत उजागर कर दिया है।
पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने यहां भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस मामले पर गांधी की चुप्पी इस बात की भी पुष्टि करती है कि भारतीय महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा गांधी परिवार नहीं, बल्कि देश का कानूनी ढांचा करता है।
उन्होंने भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एलन मस्क के बीच सोशल मीडिया पर हुई बातचीत को लेकर भी गांधी की आलोचना की।
जेएनयू ने शुक्रवार को यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच में सांसद और प्रोफेसर अकोइजम को दोषी पाए जाने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। वह जेएनयू के सामाजिक विज्ञान संकाय के अंतर्गत सामाजिक व्यवस्था अध्ययन केंद्र में प्रोफेसर थे।
खबरों के अनुसार, इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं।
शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि अकोइजम बैठकों या सभाओं के बहाने छात्राओं को अपने परिसर स्थित आवास पर बुलाते थे और उनका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश करते थे। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया था कि वह कक्षा में अश्लील और अनुचित टिप्पणियां करते थे।
ईरानी ने कहा, “हाल ही में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ‘पितृसत्ता को खत्म करने’ की बात कही थी। हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी के एक विश्वविद्यालय में कार्यरत कांग्रेस सांसद की करतूतों से इस बयानबाजी की खोखली हकीकत सामने आ गई।”
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, “सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुप्पी है।” उन्होंने सवाल किया कि छात्राओं द्वारा अकोइजम पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद गांधी ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
ईरानी ने कहा, “मुझे इस सवाल का जवाब हाल ही में दिल्ली में एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ उनकी अपनी शारीरिक झड़प के वीडियो साक्ष्य में मिलता है। ऐसे व्यक्ति से, जो खुद एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार करता है, क्या देश की कोई महिला यह उम्मीद कर सकती है कि वह यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे कांग्रेस सांसद के खिलाफ कार्रवाई करेगा?”
भाजपा नेता ने कहा कि नारे गढ़ना कांग्रेस के लिए आसान है, लेकिन उन्हें वास्तविक जीवन में लागू करना कितना मुश्किल है, इसका प्रमाण आज देश की जनता भी देख रही है।
एलन मस्क के प्रति गांधी के कथित समर्थन की आलोचना करते हुए ईरानी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के किसी नेता ने भारतीय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप के लिए अंतरराष्ट्रीय ताकतों से मदद मांगी हो।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “15 जनवरी, 2025 को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा था कि उनकी लड़ाई भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि भारतीय राज्य के खिलाफ है। हमारे देश के राजनीतिक इतिहास में पहले कभी किसी राजनीतिक नेता ने भारतीय राज्य के खिलाफ युद्ध का ऐलान नहीं किया और इस तरह भारतीय मतदाता पर हमला नहीं बोला।”
भाषा रंजन माधव
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