पुणे, नौ अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अभ्यर्थियों के जारी आंदोलन के सिलसिले में पुणे पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने, यातायात बाधित करने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में 15 प्रतिनिधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
विश्रामबाग थाने में दर्ज मामले में प्रमोद पाटिल, अक्षय कांबले और अनिकेत देशमाने समेत अन्य प्रतिनिधियों के नाम शामिल हैं। प्रदर्शनकारी कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई और एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार को हटाने की मांग कर रहे हैं।
पुलिस के एक कर्मी की शिकायत के अनुसार, 26 सितंबर को दो अक्टूबर के प्रदर्शन के लिए एस. एम. जोशी पुल के पास अनुमति दी गई थी। हालांकि, 30 सितंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद छात्रों ने मांगें स्वीकार किए जाने का हवाला देते हुए प्रदर्शन स्थगित करने की बात कही, जिसके बाद अनुमति रद्द कर दी गई।
शिकायत में कहा गया कि इसके बावजूद एक अक्टूबर को नवी पेठ स्थित इंदुलाल कॉम्प्लेक्स के सामने बड़ी संख्या में छात्र जुटे, नारे लगाए और यातायात बाधित किया। पुलिस के निर्देशों के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शहर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थल पर जाने का नोटिस भी दिया है।
इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार को पत्र लिखकर एस. एम. जोशी पुल पर प्रदर्शन जारी रखने की अनुमति मांगी है।
भाषा
राखी नेत्रपाल
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