मुजफ्फरनगर, नौ अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक विशेष अदालत ने 2019 में 14 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म के मामले में शुक्रवार को एक पुरुष और एक महिला को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई।
यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की अदालत की न्यायाधीश मंजुला भलोतिया ने दोषियों विकास और ललिता पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया।
सरकारी वकील विक्रांत राठी ने बताया कि अदालत ने दोनों को आईपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म), 511 (अपराध करने का प्रयास), 120बी (आपराधिक साजिश) और 506 (आपराधिक धमकी) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा सात और आठ के तहत दोषी ठहराया।
उन्होंने बताया कि यह घटना 27 मई 2019 को फुगाना थाना क्षेत्र में हुई थी। राठी ने बताया कि ललिता नाम की महिला उस समय घर में अकेली लड़की को पड़ोस के एक मकान में ले गई, जहां विकास ने उससे दुष्कर्म किया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद दोनों ने लड़की को धमकी दी कि अगर उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
पीड़िता के भाई ने बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा चलाया गया।
भाषा सं आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र