मुंबई, नौ अक्टूबर (भाषा) मलेशिया को वैश्विक तनावों के कारण अंतरराष्ट्रीय पर्यटन क्षेत्र की वृद्धि प्रभावित होने के बावजूद इस साल भारतीय पर्यटकों की संख्या पिछले साल के बराबर रहने की उम्मीद है। टूरिज्म मलेशिया की एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह बात कही।
टूरिज्म मलेशिया की मुंबई निदेशक हरियांटी अबू बकर ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि इस साल जनवरी से अगस्त के दौरान मलेशिया में 9,62,983 भारतीय पर्यटक आए, जबकि कुल 2.8 करोड़ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों ने देश की यात्रा की।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण माल ढुलाई शुल्क बढ़ने और कई स्थानों के साथ हवाई संपर्क बाधित होने से पर्यटन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
अबू बकर ने बताया, “वर्ष 2025 में मलेशिया में कुल 4.22 करोड़ अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आए थे, जिनमें 15 लाख भारतीय थे। हमारी सरकार ने इस साल भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाकर 21 लाख करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, मार्च में शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष का पर्यटन क्षेत्र पर असर पड़ा। कई देशों के साथ हवाई संपर्क बाधित होने से पूरे उद्योग पर प्रभाव पड़ा।”
भारतीय पर्यटकों को मलेशिया के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के अलावा अन्य स्थानों की सैर के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चार महीने का अभियान शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत में मलेशिया का मुख्य ध्यान छुट्टियां बिताने, प्रोत्साहन यात्राओं, परिवार और दोस्तों से मिलने तथा शादी समारोहों के लिए यात्रा करने वाले लोगों पर है।
अबू बकर ने कहा कि भारतीय नागरिकों को मलेशिया में वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है। वर्ष 2023 में शुरू की गई यह सुविधा 2026 तक लागू है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इसे 2027 तक बढ़ाया जाएगा, ताकि भारतीय यात्रियों को वीजा के लिए आवेदन किए बिना मलेशिया जाने की सुविधा मिलती रहे।
भाषा राजेश राजेश योगेश रमण
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