आणंद, 22 जून (भाषा) गुजरात के आणंद जिले में विदेशों में पढ़ाई के इच्छुक उम्मीदवारों को फर्जी परीक्षार्थियों के जरिए आईईएलटीएस और टोएफएल जैसी अंतरराष्ट्रीय अंग्रेजी दक्षता परीक्षाएं पास कराने वाले एक हाईटेक और बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
एक अधिकारी ने बताया कि एक कॉलेज परिसर में स्थित इमारत पर छापेमारी के बाद एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जो रैकेट के मुख्य सरगना के लिए काम करता था।
उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान 3.78 लाख रुपये मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी फिलहाल फरार है।
पुलिस उप अधीक्षक (डीएसपी) जे एन पांचाल ने संवाददाताओं को बताया कि आणंद जिला साइबर अपराध थाने को इस धोखाधड़ी के संबंध में एक गुप्त सूचना मिली थी जिसके आधार पर पुलिस ने 20 जून को आणंद शहर के 'आर्ट्स कॉलेज' की दूसरी मंजिल पर एक निजी संस्था द्वारा किराए पर लिए गए दो कमरों में छापेमारी की।
पुलिस के अनुसार, एक निजी कंपनी ने इन कमरों में ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए एक परीक्षा केंद्र बनाया था, जहां टोएफएल (टेस्ट ऑफ इंग्लिश एज ए फॉरेन लैंग्वेज), आईईएलटीएस (इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम) और विदेशों में पढ़ाई या नौकरी के लिए आवश्यक अन्य विदेशी भाषा दक्षता परीक्षाएं आयोजित की जाती थीं।
जांच में सामने आया कि इस रैकेट के कथित मुख्य सरगना हर्षद रावल और उसके साथी अर्थ बुंदेला ने करीब छह महीने पहले कॉलेज के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करके यह परिसर किराए पर लिया था।
धोखाधड़ी के तौर-तरीकों का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि परीक्षा में बैठने वाले असली उम्मीदवार निर्धारित बूथों पर बैठते थे, जबकि उनके बदले में बगल के कमरे में बैठे डमी परीक्षार्थी गुप्त रूप से प्रश्नपत्र हल करते थे।
अधिकारियों ने बताया कि इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने कथित तौर पर परीक्षा कक्ष और बगल के कमरे को अलग करने वाली एक साझा दीवार में छेद किए थे।
उन्होंने 'एचडीएमआई स्प्लिटर एडेप्टर' और आपस में जुड़े कंप्यूटर सिस्टम का उपयोग करके परीक्षा वाली स्क्रीन को बगल के कमरे के कंप्यूटरों पर 'मिरर' (साझा) कर दिया था, जिससे प्रॉक्सी (फर्जी) उम्मीदवार वास्तविक समय में प्रश्नों के उत्तर दे पाते थे।
भाषा सुमित राजकुमार
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