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कतर में हुए धमाके में मारे गए 13 लोगों में भारतीय भी शामिल : ऊर्जा मंत्री

दुबई, 22 जून (भाषा) कतर के ऊर्जा मंत्री साद बिन शेरिदा अल-काबी ने सोमवार को बताया कि रास लाफान औद्योगिक सिटी में हुए एक धमाके में भारतीय नागरिकों समेत कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई।

‘दोहा न्यूज’ के अनुसार, कतरएनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अल-काबी ने बताया कि रविवार शाम रास लाफान औद्योगिक सिटी में बरज़ान स्थानीय गैस सप्लाई संयंत्र में हुए धमाके और उसके बाद लगी आग में 66 लोग घायल हो गए।

अल काबी ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन के दौरान पुष्टि की कि इस घटना में भारतीय और पाकिस्तानी मूल के 13 लोगों की मौत हो गई। हालांकि उन्होंने भारतीय मृतकों की सटीक संख्या की जानकारी नहीं दी।

दोहा में भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह कतर के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और जिन लोगों की जान गई है या जो घायल हुए हैं, उनके परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।

दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कल रात रास लाफान औद्योगिक सिटी में हुई दुखद घटना में जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिवारों के प्रति हम अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।’’

स्थानीय मीडिया की खबर के अनुसार, घायल लोगों में भारत, कतर, तंजानिया, पाकिस्तान, गिनी, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या और नाइजीरिया समेत कई देशों के लोग शामिल हैं।

इससे पहले, भारतीय दूतावास ने इस ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’’ पर ‘‘गहरी चिंता’’ जताई थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए और कुछ लोग लापता हैं।

दूतावास ने कहा, ‘‘इस मुश्किल और चुनौतीपूर्ण समय में, कतर में भारत का दूतावास और पूरा भारतीय समुदाय कतर की सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। हम घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं और लापता लोगों के सुरक्षित होने की उम्मीद और प्रार्थना करते हैं।’’

एक अलग बयान में, गृह मंत्रालय ने कहा कि यह घटना परिचालन के दौरान ‘‘तकनीकी खराबी’’ की वजह से हुई, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई और अलग-अलग देशों के 66 लोग घायल हो गए।

बयान में कहा गया कि सुरक्षा एजेंसियों ने दुर्घटना के तुरंत बाद रास लाफान में आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और निर्धारित आपातकालीन प्रक्रियाओं को लागू किया।

घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि घटनास्थल पर राहत-बचाव अभियान पूरा कर लिया गया।

बयान में कहा गया कि दुर्घटना के सटीक कारणों और उससे जुड़ी सभी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारी जांच कर रहे हैं।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना के कारण किसी प्रकार का रिसाव नहीं हुआ है और न ही इससे आम लोगों की सुरक्षा या आसपास के पर्यावरण को कोई खतरा पैदा हुआ है।

भाषा आशीष माधव

माधव