पटना, 23 मार्च (भाषा) बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने सोमवार को 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी किया जिसमें 85.19 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बधाई दी और इसे शिक्षा सुधारों का परिणाम बताया।
बोर्ड ने लगातार आठवीं बार रिकॉर्ड समय में 12वीं कक्षा का परिणाम जारी किया है।
अधिकारियों के अनुसार, मात्र 25 दिन में मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 12वीं कक्षा की परीक्षा में कुल 85.19 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस बार के परिणाम में लड़कियों ने बाजी मारी जिनका उत्तीर्ण प्रतिशत 86.23 रहा जबकि लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 84.29 रहा।
बोर्ड के अनुसार, दो से 13 फरवरी तक हुई 12वीं कक्षा की परीक्षा में कुल 13.17 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए जिनमें 6.75 लाख छात्राएं और 6.42 लाख छात्र थे।
बोर्ड ने कहा, ‘‘सबसे ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले 26 विद्यार्थियों (टॉपर्स) में 19 छात्राएं और सात छात्र हैं।’’
बीएसईबी द्वारा जारी बयान के अनुसार, कुल 5,16,928 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि 5,11,744 विद्यार्थियों को द्वितीय श्रेणी मिली और 82,425 विद्यार्थी तृतीय श्रेणी से पास हुए।
बीएसईबी के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि समस्तीपुर जिले के विज्ञान संकाय के छात्र आदित्य प्रकाश अमन ने 481 अंक (96.2 प्रतिशत) प्राप्त कर राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया।
कला संकाय में गया जी जिले की निशु कुमारी ने 479 अंक (95.8 प्रतिशत) के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि वाणिज्य संकाय में पटना की अदिति कुमारी ने 480 अंक (96 प्रतिशत) हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया।
बीएसईबी अध्यक्ष ने कहा कि जो विद्यार्थी उत्तीर्ण नहीं हो सके हैं या अपने परिणाम से असंतुष्ट हैं, वे 25 मार्च से दो अप्रैल तक पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि परीक्षा और मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष है तथा पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई गई।
वाणिज्य में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाली अदिति कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और भाई को दिया।
उन्होंने कहा, “मेरी तैयारी के दौरान मेरे माता-पिता ने मेरा बहुत साथ दिया। इस समय वे मुझसे भी ज्यादा खुश हैं। मैंने अपने बड़े भाई से भी काफी मदद ली, जिन्होंने मुझे सबसे कठिन विषय अकाउंटेंसी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपनी किताबों और नोट्स से मेरी मदद की।”
अदिति ने बताया कि तैयारी के दौरान उनकी दिनचर्या लचीली थी।
उन्होंने कहा, “मैं एक घंटे पढ़ती थी, फिर 15 मिनट का ब्रेक लेती थी, उसके बाद दो या तीन घंटे और पढ़ती थी। मैं कभी-कभी देर रात तक भी पढ़ाई करती थी, लेकिन यह रोज़ का नियम नहीं था।”
अदिति ने भविष्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का लक्ष्य बताया।
विज्ञान टॉपर आदित्य प्रकाश अमन एक सरकारी शिक्षक के पुत्र हैं। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने अपनी तैयारी के लिए स्वाध्याय पर भरोसा किया और शिक्षकों तथा माता-पिता के मार्गदर्शन का पालन किया।
बिहार के गया जी जिले के किसान की बेटी निशु कुमारी ने कला संकाय में इंटरमीडिएट परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया।
उन्होंने कहा, “मैं अपनी खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकती। मैंने पढ़ाई, रिवीजन और अभ्यास—हर चीज में कड़ी मेहनत की। जब मुझे मैट्रिक परीक्षा में 465 अंक मिले थे, तभी मेरे मन में आया कि इंटरमीडिएट परीक्षा में पहला स्थान हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।”
भाषा कैलाश
राजकुमार
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