नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने 2022 में पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई इलाके में होली से संबंधित एक झड़प के दौरान लाठी और पत्थरों से दूसरे व्यक्ति पर बेरहमी से हमला करने के मामले में एक व्यक्ति को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रिया महेंद्र ने मिथुन की मौत का कारण बनने के लिए करण को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 (भाग एक) के तहत दोषी ठहराया। हमले के चार दिन बाद चोटों के कारण मिथुन की मौत हो गई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 18 मार्च 2022 को राजधानी पार्क, नांगलोई स्थित हनुमान टिम्बर वाली गली में हुई, जब आरोपी ने कथित तौर पर शराब के नशे में मिथुन पर डंडे और पत्थरों से हमला किया। पीड़ित को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 22 मार्च को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
अदालत ने 30 जनवरी के अपने आदेश में कहा, 'अभियोजन पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज विधिवत प्रस्तुत किया है, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि आरोपी द्वारा घायल/मृतक को लगातार और बार-बार बेरहमी से पीटा जा रहा है। आम लोग आरोपी को रोकने और घायल को उसके चंगुल से छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन घायल के पूरी तरह से बेसुध होने के बावजूद वह हमला जारी रखता है और उसे लातों और मुक्कों से बेरहमी से पीटता है।'
अदालत ने आगे कहा, 'आरोपी ने सिर समेत पूरे शरीर पर डंडे से बेरहमी से वार किए, साथ ही लगातार पैर और मुक्कों से भी प्रहार किए। इससे यह साबित होता है कि आरोपी का इरादा मिथुन को ऐसी चोटें पहुंचाने का था जिनसे उसकी मृत्यु हो सकती थी और अंततः इसी के परिणामस्वरूप उसकी मृत्यु हुई।'
अदालत बृहस्पतिवार को सजा संबंधी दलीलें सुनेगी।
भाषा
शुभम संतोष
संतोष