धनबाद (झारखंड), चार फरवरी (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को केंद्र सरकार पर राज्य के प्रति 'सौतेला व्यवहार' करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक सुनियोजित रणनीति के तहत झारखंड को जानबूझकर गरीब और कमजोर बनाए रखा गया है।
धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 54वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा, 'केंद्र का झारखंड के प्रति नजरिया सौतेला रहा है। हमें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। मैंने ठान लिया है कि अपने हक के लिए हमें कानूनी लड़ाई भी लड़नी पड़ी, तो हम पीछे नहीं हटेंगे।'
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना चार फरवरी, 1973 की मध्यरात्रि को इसी धनबाद की धरती पर हुई थी, इसलिए यहां का आयोजन विशेष महत्व रखता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में अवसंरचनाओं, सड़कों, रेलवे और जल निकासी प्रणालियों का विकास करने के लिए झारखंड को पिछड़ा रखा गया।
सोरेन ने कहा, 'दूसरे राज्यों के विकास के लिए मजदूरों की आवश्यकता थी, इसलिए कुछ राज्यों को जानबूझकर केवल 'श्रमिकों के स्रोत' के रूप में सीमित कर दिया गया।'
झामुमो अध्यक्ष ने कहा कि ईश्वर ने झारखंड को जमीन के ऊपर और नीचे (खनिज), दोनों ही रूपों में अपार संसाधनों से नवाजा है।
उन्होंने नीति-निर्माताओं पर निशाना साधते हुए कहा, 'यदि सही समय पर सही निर्णय लिये गए होते, तो आज झारखंड देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होता।
सोरेने ने कहा कि हमारे राज्य ने पूरे देश को संसाधन दिए, लेकिन बदले में यहां की जनता को केवल कष्ट, गरीबी और निरक्षरता मिली।'
भाषा सुमित सुरेश
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